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सिंगरौली7 मिनट पहले

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फाइल फोटो। - Dainik Bhaskar

फाइल फोटो।

प्राकृतिक खूबसूरती सुन्दरता से भरपूर प्रदेश की उर्जाधानी के नाम से मशहूर शहर सिंगरौली जिले की शांत वादियों में अपराध का जहर घुल रहा है। इससे यहां की फिजाएं बदरंग हो रही हैं। पिछले 7 महीने में इस इलाके में कई बड़ी वारदातें हुई। इनमें हत्या, चोरी, डकैती, दुष्कर्म जैसे मामले शामिल हैं। इन सभी मामलों में राज्य सरकार और कानून व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं।

सिंगरौली जिले में बीते कुछ महीनों में लगातार आपराधिक घटनाओं में जिस तरह से इजाफा हुआ है। इसके बाद यह सवाल खड़ा हो रहा है कि जिले की शांत वादियां जो हमेशा से आध्यात्म धर्म-कर्म की गवाह बना करती थी अब वह बड़े अपराधों की भी शरण स्थली बन रही हैं।

इन अपराधों से ना केवल पुलिस की छवि खराब हो रही है, बल्कि सवाल यह भी खड़ा हो रहा है कि जिले में अपराध, पुलिस की सतर्कता के बाद भी क्यों पैर पसार रहा है। इस वर्ष अभी तक यानी 7 माह में 27 हत्या की घटनाओं के साथ 51 दुष्कर्म और 79 अपहरण की बड़ी वारदात हुई है। इन्ही अपराधों की वजह से क्षेत्र में दहशत का माहौल है।

ग्रामीण इलाकों में ज्यादातर ये बड़ी वारदातें

गंभीर अपराधों की संख्या

  • अपहरण-79
  • दुष्कर्म- 51
  • गृहभेदन- 42
  • शीलभंग- 32
  • हत्या- 27

नोट: एक जनवरी 2023 से 15 जुलाई तक गंभीर अपराधों की स्थिति।

इस मामले में सिंगरौली जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिव कुमार वर्मा ने कहा कि सभी थाना क्षेत्रों की अपराध समीक्षा की जाती है। जहां गंभीर अपराधों में वृद्धि हुई है। वहां के थाना प्रभारियों को अपराध पर अंकुश लगाने व कार्रवाई करने की सख्त हिदायत दी जाती है। थानेदारों को गंभीर अपराध कम करने के लिए निर्देशित किया है।

जागरूकता का अभाव

कोई भी व्यक्ति खौफनाक कदम तब उठाता है। जब उसमें सहनशीलता व जागरूता का अभाव रहता है। जनता के बीच पहुंचकर उन्हें अपराध नहीं करने को लेकर जागरूक करना जरूरी है। वर्तमान में हुए अपराध को देखा जाए तो मामूली बात को लेकर शुरू हुआ विवाद हत्या में निर्मित हो रहे हैं। शायद इस पर अंकुश लगाया जा सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति ज्यादा खराब हैं। यहां लोग जरा सी बात पर अपनों का कत्ल कर दे रहे हैं।

पुलिस की तमाम कोशिशों के बावजूद हत्या जैसे अपराध पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। यह बात और है कि पुलिस अधिकारियों की ओर से अपराध कम होने का दावा किया जा रहा है। मगर वर्ष के अंतिम महीने तक आंकड़ा पिछले वर्ष हुए अपराध की संख्या को पार कर देता है। देहात के थाना क्षेत्रों में स्थिति यह है कि एक दिन में दो से तीन गंभीर अपराध घटित हो जाते हैं।

अभी तक हत्या की ज्यादातर घटनाएं नशा या फिर जमीनी व लेनदेन के चलते घटित हुई हैं। इसके अलावा मन में गलत शक होने के चलते भी लोग खौफनाक कदम उठा रहे हैं। ज्यादातर मामलों में पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। फिर भी हत्या की घटनाएं कम नहीं हो रही हैं।

अपने ही जान का दुश्मन बन रहे हैं। वहीं कुछ घटनाओं में लेनदेन के विवाद को लेकर संगी-साथी हत्या कर दे रहे हैं। अलग-अलग थाना क्षेत्रों में घटित हो रहे अपराध को रोकने की कवायद तो की जा रही है मगर अपराधी बेखौफ हैं। इसलिए वह अपराध घटित करने से पीछे नहीं हट रहे हैं।

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