दिवाली से पहले मिलावटी खाने के सामान पर बड़ी कार्रवाई हुई है। भोपाल में 14,800 किलो मावा, मिठाई, पनीर और नमकीन जब्त किया गया। 38 लोगों पर केस दर्ज हुआ और 11 दुकानों के लाइसेंस रद्द किए गए। ड्रग एंड फूड एडमिनिस्ट्रेशन ने यह जानकारी दी। त्योहारों पर लोगों को अच्छी क्वालिटी का खाना मिले, यह सुनिश्चित किया गया।
दिवाली से पहले मिलावटी खाने के सामान पर बड़ी कार्रवाई हुई है। 1 से 17 अक्टूबर के बीच, मध्य प्रदेश में 19.75 लाख रुपये से ज़्यादा का 14,800 किलो मावा, मिठाई, पनीर और नमकीन ज़ब्त किया गया। 38 लोगों पर मिलावटखोरी का केस दर्ज हुआ और 11 दुकानों के लाइसेंस रद्द कर दिए गए। यह जानकारी ड्रग एंड फूड एडमिनिस्ट्रेशन (DFA) के कंट्रोलर दिनेश श्रीवास्तव ने दी।
दिनेश श्रीवास्तव ने बताया कि जांच के लिए कई सैंपल लिए गए थे। इनमें 350 मावा के, 176 पनीर के, 1185 मिठाइयों के, 271 नमकीन के और 1353 दूसरे खाने के सामान के सैंपल थे। DFA की मोबाइल लैब ने भी बाज़ारों में जाकर 1525 सैंपल की तुरंत जांच की। इससे खाने की चीज़ों की क्वालिटी और मिलावट का पता चला।
त्योहारों के मौसम में लोग बाज़ार से जो खाने का सामान खरीदते हैं, उसकी क्वालिटी जांचने के लिए FDA की मोबाइल लैब अलग-अलग जगहों पर गई। उन्होंने मौके पर ही कई सैंपल की जांच की और क्वालिटी के बारे में तुरंत जानकारी दी। यह सब दिवाली से पहले मिलावटी खाने के सामान की बिक्री रोकने के लिए किया गया।
मिलावटखोरी के खिलाफ यह अभियान पूरे राज्य में चलाया गया। इसका मकसद लोगों को त्यौहारों पर अच्छी क्वालिटी का खाना मिले और वे किसी भी तरह की मिलावट का शिकार न हों। इस कार्रवाई से मिलावटखोरों में हड़कंप मच गया है।
