[ad_1]
- Hindi News
- Local
- Mp
- Chhindwara
- Sihora Mal’s Rameshwar Puja Dham Will Be The Highest Shiva Temple In The State, The Design Of The Temple Complex Will Be Based On Sriyantra
छिंदवाड़ा9 मिनट पहले
- कॉपी लिंक

रामेश्वरम पूजा धाम ,सिहोरा माल
छिंदवाड़ा मुख्यालय से 20किलोमीटर दूर नेशनल हाइवे सिवनी मार्ग पर भगवान भोलेनाथ का रामेश्वर धाम बनने जा रहा है।बड़ी बात यह है कि भगवान शिव जी की 81 फीट ऊंची शिव प्रतिमा का निर्माण किया जा रहा है।रामेश्वर धाम की शिव प्रतिमा मध्यप्रदेश की सबसे ऊंची प्रतिमा होगी। इस प्रतिमा के निर्माण से पहले तक प्रदेश के जबलपुर के कचनार की सबसे ऊंची प्रतिमा कहलाती थी।जिसकी ऊंचाई 76फीट है। छिंदवाड़ा में बनने वाले इस रामेश्वरम धाम का निर्माण छिंदवाड़ा के ज्वेलरी व्यवसाई साहू परिवार द्वारा करवाया जा रहा है। शिव शंकर सेवा ट्रस्ट द्वारा मंदिर का निर्माण कराया जा रहा है।रामेश्वर पूजा धाम का निर्माण 4एकड़ के विस्तृत परिसर में वास्तु आधारित किया जा रहा है। मंदिर का डिजाइन श्री यंत्र के स्वरूप का बनाया गया है।मंदिर परिसर में श्रद्धालुओ के लिए 2एकड़ जमीन में पार्किंग की स्पेस दिया जा रहा है।
शिव प्रतिमा के नीचे मंदिर परिसर में बिराजेंगे भगवान की मूर्तियांश्री रामेश्वर पूजा धाम में शिव प्रतिमा के नीचे श्री राम दरबार ,लक्ष्मी जी,विष्णु जी,दुर्गा जी,गौरी शंकर परिवार,राधा कृष्ण जी,मां सरस्वती जी और पंचमुखी हनुमान जी की अलग अलग छोटे मंदिरों में मूर्ति विराजित होगी। शिव प्रतिमा की ठीक नीचे वाले स्थान में श्रद्धालुओ की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी।
81फीट ऊंची शिव प्रतिमा का निर्माण कर रहे देश प्रसिद्ध मूर्तिकार नरेश कुमावतदेश के प्रसिद्ध मूर्तिकार दिल्ली निवासी नरेश कुमावत कर रहे हैं। जानकारी के मुताबिक इस मूर्ति में 35टन लोहा लगा है।मूर्ति में फाइबर से बनाई जा रही है। मूर्तिकार द्वारा इस मूर्ति की 100 वर्ष की गारंटी दी गई है। शिव प्रतिमा के चारो तरफ होंगे सरोवर और सुंदर वाटिका
रामेश्वर पूजा धाम परिसर को नागपुर निवासी आर्किटेक्र्ट आनंद खेमका की मॉनिटरिंग में मंदिर परिसर के लैंड स्केप evm परिसर में पूरा सहित
भगवान शिव की 81फिट ऊंची शिव प्रतिमा के चारो तरफ छोटे छोटे चार सरोवर रहेंगे जो परिसर को भव्यता देंगे।रामेश्वर पूजा धाम परिसर शिव प्रतिमा से 125 फीट दूरी पर विराजेंगे नंदी गण
श्री रामेश्वर पूजा धाम परिसर का नागपुर निवासी आर्किटेक्ट आनंद खेमका लैंड स्कैप का काम देख रहे हैं।भगवान भोलेनाथ की विशालकाय भव्य आकर्षक प्रतिमा से 125 फीट की दूरी नंदी विराजेंगे ।आनंद खेमका का कहना है कि मंदिर परिसर में शिवलिंग और नंदी जी की स्थापना होगी।मंदिर के गर्भगृह में सात अलग अलग मंदिर में शिव परिवार ,श्री राम दरबार,लक्ष्मीनारायण मंदिर,राधा कृष्ण मंदिर,मां सरस्वती ,पंचमुखी हनुमान मंदिर,दादा जी धूनी वाले दरबार होगा। गर्भ गृह में कुल 7 मंदिर होंगे ,इन मंदिरों में 6मंदिरों की मूर्तियां वियतनाम मार्बल की होगी।गृभ गृह में धूनी वाले दादाजी दरबार का दरबार होगा।इस दरबार में दादाजी की सिर्फ दादाजी की फोटो लगेगी। परिसर में आकर्षक गार्डन होगा। श्रद्धालुओ के घूमने के लिए पाथ वे रहेगा।मंदिर परिसर में चार कॉर्नर पर पानी के कुंड बनाए जा रहे है।इसमें लिली पोंड बनाएं जा रहे है। स्टैग गार्डन भी रहेगा।मंदिर से दूरी पर परिसर में लेडीज और जेंट्स वॉश रूम बनाए जायेंगे। शिशु वाली महिलाओ के लिए फीडिंग के अलग से एक रूम बनाया जा रहा है।परिसर में ऑफिस,स्टोर रूम भी रहेगा।
12 एमएम मोटाई के फायबर से बनी है शिव प्रतिमा, 80 टन लोहा सपोर्ट दे रहा है।मूर्ति कोश्री रामेश्वर पूजा धाम की आकर्षक ऊंची प्रतिमा में सीमेंट कांक्रीट के बजाय फायबर से बनी है। 12एमएम मोटाई का मोल्ड फायबर से मूर्ति को बनाया गया है।इसकी लाइफ बहुत लंबी होती है। सीएमसी मशीन द्वारा थर्माकोल के ब्लाक को कटिंग कर असेंबल कर लाइफ साइज मूर्ति का ढांचा बनाया जाता है।इसके बाद थर्माकोल पर पीओपी का लेप कर फिनिशिंग की जाती है।इसके बाद फायबर का मोल्ड बनाया जाता है।मोल्ड का स्पॉट पर लाकर यहां12लेयर में 12एमएम के फायबर के मोल्ड से मूर्ति तैयार की गई है।इस पूरी प्रक्रिया में 6माह के समय अवधि में 25लोगो की टीम तैयार कर देती है।
मंदिरो में रेड स्टोन का इसलिए होता है इस्तेमालश्री रामेश्वर धाम मंदिर में आपने लाल रंग से मिलते जुलते रंग का पत्थर इस्तेमाल किया जाता है।जानकर बताते है कि मंदिर में रेड स्टोन का इस्तेमाल आकर्षक रंग और पत्थर की खूबियों की वजह से किया जाता है।
मंदिरो में रेड स्टोन पत्थर का इसलिए होता है ज्यादातर इस्तेमालआमतौर पर देखा गया है कि बड़े मंदिरों में रेड स्टोन पत्थर का ज्यादा उपयोग किया जाता है। रेड स्टोन पत्थर मंदिर का भव्यता के साथ साथ आकर्षण भी बढ़ाता है।इस पत्थर की एक और विशेषता है।यह पत्थर आकर लेने से पहले कच्चा होता है।धीरे धीरे हवा पानी के संपर्क में आने की वजह से और अधिक मजबूत हो जाता है।
सन 2018 में 101ब्राह्मणों ने वैदिक पद्धति से की थी पूजा अर्चना,संघ प्रमुख मोहन भागवत भी रहे थे मौजूद
सिहोरा में बन रहे रामेश्वर पूजा धाम की आधारशिला साहू परिवार ने 24अप्रैल 2018 को रखी थी। मंदिर परिसर में वैदिक पद्धति से 101 पुरोहितों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा अर्चना की थी।रामेश्वर पूजा धाम के भूमिपूजन में मुख्य रूप से राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत भी मौजूद थे।साहू परिवार के दिवंगत जय शंकर साहू सहित जिले धार्मिक,राजनैतिक और सामाजिक लोग भी शामिल हुए थे।
ऐसे है 81फीट ऊंचा छिंदवाड़ा का रामेश्वरम पूजा धामजिले के सिहोरा माल में बन रहे रामेश्वरम पूजा धाम की ऊंचाई भी अंक ज्योतिष के आधार पर दी गई है। जमीन से 13फीट हाइट का हॉल है।इसके बाद 12फीट का प्लेटफार्म बना हुआ है। इसके बाद भगवान शिव की प्रतिमा की ऊंचाई 56फिट होगी।कुल मिलाकर रामेश्वर पूजा धाम 81फिट ऊंचा होगा। मूर्ति की ऊंचाई मूलांक 9 आना चाहिए इसलिए इसकी ऊंचाई 81फीट रखी गई । इस 81फीट ऊंचे रामेश्वर पूजा धाम का मूलांक 9 है।रामेश्वर पूजा श्री धाम मध्यप्रदेश की सबसे ऊंचाई की शिव प्रतिमा में से एक है।7
[ad_2]
Source link
