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भोपाल18 मिनट पहलेलेखक: राहुल शर्मा

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राजधानी के गर्ल्स काॅलेज बॉयज कॉलेज पर भारी हैं। शहर में 3 गर्ल्स कॉलेज हैं। - Dainik Bhaskar

राजधानी के गर्ल्स काॅलेज बॉयज कॉलेज पर भारी हैं। शहर में 3 गर्ल्स कॉलेज हैं।

राजधानी के गर्ल्स काॅलेज बॉयज कॉलेज पर भारी हैं। शहर में 3 गर्ल्स कॉलेज हैं। यह हैं महारानी लक्ष्मीबाई (एमएलबी), नूतन और गीतांजलि। बॉयज काॅलेज में मुख्य रूप से हमीदिया कॉलेज है। इसके अलावा अन्य कॉलेज कोएड हैं, लेकिन सुविधाओं, लैब, लाइब्रेरी, बिल्डिंग और अन्य तरह का इंफ्रास्ट्रक्चर गर्ल्स काॅलेज का बेहतर है। इसकी एक प्रमुख वजह यह भी है कि गर्ल्स कॉलेज में लगने वाली कक्षाओं में छात्राओं की उपस्थित छात्रों के अपेक्षाकृत अधिक हाेती है। इस वजह से किसी भी तरह की समस्या के लिए वे शिकायत भी करती हैं और इस पर काम भी होता है।

हमीदिया कॉलेज जिले का लीड कॉलेज है, फिर भी यहां छात्रों के लिए खेल मैदान नहीं है। ​िबल्डिंग भी पुरानी हो चुकी है। जिस जगह पर वर्तमान में हमीदिया कॉलेज लग रहा है, वहां पहले एमएलबी काॅलेज लगता था और वर्तमान एमएलबी काॅलेज में हमीदिया कॉलेज लगता था। लेकिन, 2006 में इन कॉलेजों के भवनों की अदला-बदली कर दी गई थी।

हमीदिया कॉलेज – बी प्लस ग्रेड… 5 हजार छात्रों की क्षमता वाला कॉलेज है

5 हजार छात्रों की क्षमता वाले इस कॉलेज में बीकॉम, बीए, बीसीए, बीबीए काेर्स हैं। अभी कॉलेज को बी प्लस ग्रेड मिला है। यहां से रेलवे में 18, एमपीपीएससी में 1, बैंक में 4, आईआईएम में दो छात्रों का चयन हुआ है। प्रिंसिपल डॉ. पुष्पलता चौकसे ने बताया कि खेल मैदान न हाेने पर नैक टीम ने भी ऑब्जेक्शन लिया था। यहां परमानेंट फैकल्टी की संख्या 69 है।

30 छात्राें का पिछले साल जॉब के लिए चयन

समस्या – पुरानी बिल्डिंग, खेल मैदान नहीं, एप्रोच रोड पर कब्जा

नूतन काॅलेज – ऑनलाइन क्लासेस के लिए कॉलेजों को जोड़ने की सुविधा

7 हजार छात्राओं वाले काॅलेज में हाईटेक लाइब्रेरी, कंप्यूटर लैब, भव्य ऑडिटोरियम के साथ ही कई सेल्फ फाइनेंसड कोर्स संचालित किए जाते हैं। यहां हाल में यहां लाइब्रेरी की भी नई बिल्डिंग बनी है। ऑनलाइन क्लासेस के लिए संभाग के विभिन्न कॉलेजों को यहां से जोड़ा जा सकता है। प्रिंसिपल डॉ. शैलाबाला सिंह बघेल ने बताया कि पिछले 10 से ज्यादा छात्राओं का सिविल सर्विस में चयन हुआ है।

10 छात्राओं का सिविल सर्विस में चयन हुआ है।

समस्या – खेल मैदान नहीं है। इसके कारण छात्राएं परेशान हैं

गीतांजलि काॅलेज – कॉलेज में बनी पहली ग्रीन बिल्डिंग, स्पोर्ट्स काॅम्प्लेक्स

पुराने शहर के प्रमुख गर्ल्स काॅलेज गीतांजलि में 5300 छात्राओं की स्ट्रेंथ है। हाल ही में यहां ग्रीन बिल्डिंग बनी है। यह भोपाल में किसी भी कॉलेज में नहीं है। यहां स्पोर्ट काॅम्प्लेक्स भी बनाया गया है। लेकिन, काॅलेज की एक बड़ी समस्या फैकल्टी की है। प्रिंसिपल जयश्री मिश्रा ने बताया कि इंफ्रास्ट्रक्चर के मामले में सब बढ़िया है। लेकिन, लोकेशन की वजह से कई बार छात्राओं को दिक्कत होती है।

5300 छात्राओं के लिए हैं कॉलेज में सीटें

समस्या – लोकेशन बड़ी समस्या है। छात्राओं को होती है दिक्कत

एमएलबी – हाईटेक लाइब्रेरी, कंप्यूटर लैब और भव्य ऑडिटोरियम

यह नए और पुराने शहर के बीच स्थित है। काॅलेज की स्ट्रेंथ 7120 छात्राओं की है। कॉलेज को नैक का ए ग्रेड हासिल है। यहां हर साल 50 से ज्यादा प्लेसमेंट हो रहे हैं। कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. मुकेश दीक्षित ने बताया कि यहां 23 कोर्स संचालित किए जा रहे हैं। कॉलेज में बड़ा खेल मैदान भी है। कॉलेज की स्थापना 1956 में हुई थी। यहां परमानेंट टीचिंग स्टाफ 104 का है। लाइब्रेरी में भी 72 हजार से ज्यादा किताबें हैं।

50 से ज्यादा प्लेसमेंट हो रहे हैं हर साल

समस्या – बिल्डिंग पुरानी है, परमानेेंट फैकल्टी की कमी है।

एमवीएम मिलिट्री साइंस, बीएससी के कोर्स

भेपाल में साइंस के प्रमुख काॅलेज में मोतीलाल विज्ञान महाविद्यालय भी शामिल है। यहां मिलिट्री साइंस के साथ ही बीएससी के विभिन्न कोर्स संचालित किए जाते हैं। स्टूडेंट स्ट्रेंथ भी 5 हजार से अधिक है। इसके अलावा कॉलेज में बड़ा खेल मैदान और लैब है।

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