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इंदौर25 मिनट पहले
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पिछले कई दिनों से हो रही बारिश ने सिर्फ इंदौर ही नहीं बल्कि आसपास के क्षेत्रों को भी खासा तर किया है। इससे देपालपुर, महू, सांवेर व बेटमा में काफी बारिश हुई है। इन चारों ग्रामीण क्षेत्रों में जो बारिश हुई है वह पिछले साल की तुलना में काफी ज्यादा है। देपालपुर में तो अब तक 35 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई जबकि पिछले साल इस दौरान 18 इंच बारिश हुई थी। यानी लगभग दोगुना बारिश हुई है जबकि अभी इस सीजन के ढाई माह बाकी हैं। इस क्षेत्रों में कुछ हिस्सों में फसलों का नुकसान भी हुआ है। अगर अब लगातार बारिश हुई तो फसलें खराब हो सकती है।

देपालपुर के गांव के मुख्य मार्ग का हाल।
देपालपुर क्षेत्र का सिरपुर तालाब का लेवल भी डेढ़ माह की बारिश 18.3 फीट पहुंच गया था और तीन दिन पहले उसका एक गेट खोलना पड़ा था। अभी तालाब का लेवल 17.5 फीट है जबकि क्षमता 19 फीट की है। यहां शुक्रवार से शनिवार के बीच ढाई इंच बारिश हुई है। किसान लाखनसिंह ने गेहलोत ने बताया कि मुख्य देपालपुर में इन दिनों बारिश हो रही है लेकिन पूरे क्षेत्र में नहीं हो रही है। देपालपुर के पश्चिम क्षेत्र के 10 किमी पीछे स्थिति यह है कि अब खेतों में आया पानी अब बाहर होने लगा है। दरअसल देपालपुर में बारिश एक जैसी नहीं हुई है। यहां कहीं कम तो कहीं ज्यादा बारिश हुई है। रविवार को इन क्षेत्रों में कहीं रिमझिम तो कहीं बूंदाबांदी हुई।

कुछ देर बारिश थम भी जाती है तो जलभराव से होती है परेशानी।
जलभराव से फसलों को नुकसान
किसान शिवनारायण चौहान व श्रीराम चौहान ने बताया कि बारिश का यह अंतर हर 4-5 किमी के बीच हो रहा है। जंगोदा, आगरा, मुरखेड़ा, अहीरखेड़ी, सुमठिया इन क्षेत्रों में अच्छी तेज बारिश हो रही है। ऐसे ही शाहपुरा, अटहेड़ा, पानियाखेड़ी में इतनी बारिश के बाद फसलों को नुकसान नहीं है। गौतमपुरा क्षेत्र में भी अच्छी बारिश हो रही है। बेटमा-देपालपुर के बीच बड़ोली, जलोदिया पंत, अजन्दा, सनावदिया, नेवरी, चटवाडा सहित कई के गांवों में ज्यादा बारिश से सोयाबीन की फसलें खराब हो रही हैं। दरअसल वे खेत जो ढलान पर हैं उन फसलों को नुकसान नहीं है लेकिन जो समतल पर हैं वहां काफी पानी भरा है। इससे फसलें खराब हो रही है। दूसरी ओर चांदेर, कलमेर, केसूर गांवों की फसलों में भरा पानी अब बाहर हुआ है।
शाहपुरा का तालाब भी ओवरफ्लो
किसान जितेंद्र भगतजी, गुरुचरण पटेल, विष्णु पटेल, चन्दरसिंह गेहलोत व अभिनंदन गेहलोत ने बताया कि देपालपुर का दूसरा सबसे बड़ा तालाब ग्राम शाहपुरा का है जो लगातार बारिश से ओवरफ्लो हो रहा है। इस गांव का मुख्य मार्ग तालाब के ओवरफ्लो पानी के नाले से गुजरता है। ज्यादा बारिश में हमेशा ही गांव का मुख्य मार्ग बंद हो जाता है। किसान अपनी जान जोखिम में डालकरंनाला पार करते हैं। बारिश के समय में हर बार जनहानि की आशंका बनी रहती है। सांवेर के किसान बबलू जाधव ने बताया कि फसलों में जल भराव से ग्रोथ कम हो रही है। अगर ऐसी ही बारिश रही और पानी भरा रहा तो धप नहीं मिलने से उसकी ग्रोथ नहीं हो सकेगी। फिर पीली पड़ने के साथ खराब होने लगेगी। अभी खेतों में छिड़की गई दवाई का असर कम होने से चारे और खरपतवार का भी प्रकोप है।
| केंद्र | इस साल 1 जून से 23 जुलाई तक की बारिश | 1 जून 2022 से 23 जुलाई 2022 तक की बारिश |
| इंदौर | 20 इंच से ज्यादा | 18 इंच |
| महू | 21 इंच से ज्यादा | 14 इंच |
| सांवेर | 25 इंच से ज्यादा | 15 इंच |
| देपालपुर | 35 इंच से ज्यादा | 18 इंच से ज्यादा |
| गौतमपुरा | 22 इंच से ज्यादा | 12 इंच |
| हातोद | 20 इंच से ज्यादा | अप्राप्त |
इधर, इंदौर में रविवार सुबह काफी देर तक बादल छाए और दोपहर को धूप भी निकली। इसके बाद फिर बादल छाए और धूप निकली। रात 8 बजे तक शहरी क्षेत्र में बारिश नहीं हुई। मौसम केंद्र (एरोड्रम) की जानकारी के मुताबिक रविवार शाम 5.30 बजे तक इंदौर में बारिश नहीं हुई। ऐसे में रविवार अवकाश होने से लोगों ने पर्यटन स्थलों पर जाकर लुत्फ लिया।
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