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- The Number Of Disabled Increased From 12 Thousand To 25 Thousand In Six Years, By The End Of The Year This Number Is Likely To Reach 30 Thousand.
ग्वालियर28 मिनट पहलेलेखक: मनीष शर्मा
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विभिन्न प्रकार की बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को दिव्यांगों मानते हुए वर्ष 2016 में केंद्र सरकार ने दिव्यांगों की श्रेणियां 7 से बढ़ाकर 21 कीं।
विभिन्न प्रकार की बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को दिव्यांगों मानते हुए वर्ष 2016 में केंद्र सरकार ने दिव्यांगों की श्रेणियां 7 से बढ़ाकर 21 कीं। इन छह साल में पार्किंसन, लो विजन, स्लो लर्नर, मस्क्यूलर डिस्ट्राफी सहित कई बीमारियों से पीड़ित दिव्यांग भी जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र में कार्ड बनवाने के लिए पहुंचना शुरू हो गए।
स्थिति यह है कि ग्वालियर जिले में दिव्यांगों की संख्या छह साल में 12 हजार से 25 हजार पहुंच गई है। अब यह दिव्यांग राशन, पेंशन, रेल किराए में छूट,सरकारी नौकरी में आरक्षण सहित अन्य सुविधाओं का लाभ ले रहे हैं। खास बात यह है कि सभी श्रेणियों के दिव्यांग जिस तरह मेडिकल चेकअप के लिए जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र आ रहे हैं, उससे साल के अंत तक यह संख्या 30 हजार तक पहुंचने की संभावना है। अफसर बढ़ते संख्या के लिए केंद्र सरकार की योजनाओं के सफल अमल को श्रेय देते हैं।
40 प्रतिशत से ज्यादा दिव्यांगजन को लाभ
21 श्रेणी में दिव्यांग प्रमाण पत्र बनना शुरू होने के बाद मेडिकल चेकअप व जांच के आधार पर प्रमाण पत्र बनाए जा रहे हैं। जिन व्यक्तियों की दिव्यांगता का प्रतिशत 40 से ज्यादा है उनके ही यूनिक डिसेबिलिटी कार्ड बनाए जाते हैं।
यह है दिव्यांगता की श्रेणियां
हाथ व पैर की दिव्यांगता, बौनापन, मांसपेशियों में कमजोरी और विकृति, तेजाब हमला पीड़ित, दृष्टि बाधित, अल्प दृष्टि, श्रवण बाधित, बोलने एवं भाषा की दिव्यांगता, कुष्ठ रोग, पैरों की जकड़न, बहु दिव्यांगता, बौद्धिक दिव्यांगता, सीखने की दिव्यांगता , स्वलीनता, मानसिक रुग्णता, स्केलेरोसिस, पार्किंसन, हेमोफीलिया, थैलेसीमिया।
सरकारी योजनाओं का लाभ ले रहे हैं दिव्यांग
“केंद्र सरकार ने दिव्यांगता की श्रेणी बढाकर 21 कर दी थी उसके बाद दिव्यांग कार्ड की संख्या में तेजी आई है। कई ऐसी बीमारियों से पीड़ित लोग भी अब कार्ड बनवाकर सरकारी योजनाओं का लाभ ले रहे हैं जो पहले दिव्यांग की श्रेणी में नहीं आते थे। वर्तमान की बात करें तो जिले में लगभग 25 हजार दिव्यांग कार्ड जनरेट किए जा चुके हैं।”
-डॉ. आरके शर्मा, सिविल सर्जन
हर मंगलवार को दिव्यांग चेकअप कराने आते हैं
“हर मंगलवार को हमारे मेडिकल बोर्ड के डॉक्टरों के पास कई नई श्रेणियों के दिव्यांग चेकअप के लिए आ रहे हैं। 21 श्रेणी होने के बाद पार्किसन, लो विजन स्लो लर्नर, मस्क्यूलर डिस्ट्राफी के मरीज भी यूडीआईडी कार्ड बनवाने के लिए आ रहे हैं। इसी कारण हर मंगलवार शिविर जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र के के साथ ही ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में शिविर लगाए जा रहे हैं।”
-गिरीश कुमार पाल, प्रशासनिक अधिकारी जिला दिव्यांग एवं पुनर्वास केंद्र
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