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मंदसौर40 मिनट पहले

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गुरुवार को दो किसान भाइयों ने जहर खा लिया। परिजन उन्हें अस्पताल ले गए। एक किसान की मौत हो गई। दूसरे की हालत गंभीर बनी हुई है। - Dainik Bhaskar

गुरुवार को दो किसान भाइयों ने जहर खा लिया। परिजन उन्हें अस्पताल ले गए। एक किसान की मौत हो गई। दूसरे की हालत गंभीर बनी हुई है।

मंदसौर में दो किसान भाइयों ने जहर खा लिया। इनमें से एक की मौत हो गई, जबकि दूसरे का इलाज जारी है। बताया जा रहा है कि ये दोनों भाई 68 साल से जिस जमीन के कब्जाधारी हैं, उस जमीन को उद्योग विभाग ने लीज पर दे दिया है। ये मामला कोर्ट में है। इसी बीच गुरुवार को प्रशासन का अमला उनकी जमीन से कब्जा हटाने पहुंचा। जिससे दुखी होकर दोनों भाइयों ने जहर खा लिया।

पहले जान लीजिए क्या है पूरा मामला…

मामला जिले की भानपुरा तहसील के संधारा गांव का है। यहां रहने वाले जगदीश पिता राम नारायण पाटीदार और उनके भाई कैलाश पिता रामनारायण का मोखमपुरा गांव में कृषि भूमि (भूमि सर्वे नंबर 177 लगभग 14.10 हेक्टेयर नया नंबर 254 रकबा 14.10 हेक्टेयर) पर पिछले 68 बरस से कब्जा था। प्रशासन ने ये जमीन उद्योग विभाग के जरिए लीज पर दे दी, लेकिन दोनों किसान अपना कब्जा छोड़ने को राजी नहीं हैं। प्रशासन ने दोनों भाइयों को कई नोटिस दिए।

पाटीदार समाज के जिला अध्यक्ष का आरोप है कि दोनों किसानों और उनके परिवार की जिंदगी प्रशासन ने नर्क बना रखी थी। इन्हें कभी भी उठाकर थाने ले जाते थे। कई घंटे बैठाकर रखते, फिर छोड़ देते थे। उन्हें लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था।

गुरुवार को प्रशासन की टीम जेसीबी लेकर कृषि भूमि से कब्जा हटाने पहुंची थी। इससे दुखी होकर दोनों किसान भाइयों ने जहर खा लिया।

गुरुवार को प्रशासन की टीम जेसीबी लेकर कृषि भूमि से कब्जा हटाने पहुंची थी। इससे दुखी होकर दोनों किसान भाइयों ने जहर खा लिया।

जेसीबी लेकर कब्जा हटाने पहुंचा प्रशासन

गुरुवार को जेसीबी लेकर पहुंची प्रशासन की टीम ने खेत में लगी सोयाबीन और मक्के की फसल उखाड़ना शुरू कर दिया। ये देखकर किसान जगदीश और उसके भाई कैलाश ने जहर खा लिया। इधर परिवार के लोग और कोई कदम न उठाए, इसलिए प्रशासन ने उन्हें कस्टडी में ले लिया। हालांकि बाद में छोड़ दिया।

इधर जहर खाने के बाद जगदीश और कैलाश दोनों को गांव के ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें राजस्थान के झालावाड़ के अस्पताल रेफर कर दिया। जहां जगदीश की मौत हो गई। कैलाश की हालत गंभीर बनी हुई है।

न्यायालय में विचाराधीन है मामला

इसी जमीन का मामला भानपुरा न्यायालय वर्ग 2 में विचाराधीन है। बावजूद इसके तहसीलदार ने किसान को बेदखली के लिए आदेश पारित कर दिया था।जिसका विरोध परिवार और पाटीदार समाज लगातार करते आ रहे थे। इसको लेकर के समाज के लोगों ने कई बार जिले के वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी भी दी। अब समाज ने कार्रवाई नहीं होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है।

जहर खाने वाले किसान जगदीश की मौत हो गई। जबकि उसके भाई कैलाश की हालत गंभीर बनी हुई है।

जहर खाने वाले किसान जगदीश की मौत हो गई। जबकि उसके भाई कैलाश की हालत गंभीर बनी हुई है।

बीजेपी विधायक देवीलाल धाकड़ और पाटीदार समाज के प्रदेश सचिव रामकिशन का ऑडियो वायरल

दोनों किसानों के जहर खाने के मामले में एक ऑडियो वायरल हो रहा है। जिसमें पाटीदार समाज के प्रदेश सचिव रामकिशन क्षेत्र के बीजेपी विधायक देवीलाल धाकड़ से बात करते सुनाई दे रहे हैं। जिसे अंश है…

रामकिशन: भाई साहब ये क्या करवा रहे हो आप? आपकी जवाबदारी रहेगी। दोनों भाइयों ने जहर खा लिया। पाटीदार समाज के पीछे क्यों पड़े हो?

विधायक: पाटीदार समाज बहुत बड़ा है। वास्तविकता तो देखो। गलत काम के लिए प्रेरित कर रहे हो।

रामकिशन: आप इतने बड़े वाले हो गए हो, किसानों को नहस-तहस कर दिया है। आपकी जवाबदारी है, उनको बचाने की। प्रशासन और जेसीबी से परेशान कर दिया।

विधायक: पाटीदार जी आप जिम्मेदार आदमी हो। मेरे से ढंग से बात करो। मैं इंदौर हूं। आप प्रेरित कर रहे हो उनको जहर खाने के लिए।

गरोठ के बीजेपी विधायक देवीलाल धाकड़ का कहना है कि इस मामले से मेरा कोई लेना देना नहीं है। झूठी राजनीतिक की जा रही है।

गरोठ के बीजेपी विधायक देवीलाल धाकड़ का कहना है कि इस मामले से मेरा कोई लेना देना नहीं है। झूठी राजनीतिक की जा रही है।

विधायक बोले, कांग्रेस सरकार में अधिग्रहित की गई थी जमीन

इस पूरे मामले में दैनिक भास्कर ने गरोठ एसडीएम रविंद्र परमार से बात करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। वहीं गरोठ से बीजेपी विधायक देवीलाल धाकड़ बात की तो उन्होंने बताया कि जिस जमीन पर विवाद है, वह कांग्रेस सरकार के समय जब सुभाष सोजतिया मंत्री थे, उस समय अधिग्रहण की गई थी। उस समय उद्योग विभाग ने कुछ प्लॉट आवंटित किए थे। अभी भी कुछ प्लॉट आवंटन किए गए हैं। जिस पर उद्योग विभाग और प्रशासन बेदखली की कार्रवाई कर रहा है। इसमें मेरा कोई लेना देना नहीं है। व्यर्थ की मिथ्या राजनीतिक की जा रही है।

विधायक ने कहा कि किसान की मौत का मुझे बड़ा दुख है। उन्होंने कहा कि यह ऑडियो मेरा ही है, जो वायरल हो रहा है।

जिस जमीन पर प्रशासन कब्जा हटाने पहुंचा था। वहां ये बोर्ड लगा रखा है।

जिस जमीन पर प्रशासन कब्जा हटाने पहुंचा था। वहां ये बोर्ड लगा रखा है।

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