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शाजापुर (उज्जैन)17 मिनट पहले
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मांझी मत्स्योद्योग सहकारी समिति मर्यादित ग्राम डूंगलाय को सचिव द्वारा गलत ढंग से चलाने का आरोप लगाते हुए समिति के अन्य सदस्यों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर शिकायत की। शाजापुर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे समिति सदस्यों ने बताया कि भगवानसिंह पिता गोरेलाल निवासी ग्राम नांदासुरा द्वारा मांझी मत्स्योद्योग सहकारी समिति मर्यादित ग्राम डूंगलाय पर फर्जी हस्ताक्षर कर समिति को मनमाने तरीके से चलाया जा रहा है, जिसकी वजह से ग्राम डूंगलाय के सदस्यों को कोई लाभ प्राप्त नहीं हो रहा है।
समिति सदस्यों का आरोप है कि वर्ष 2010-2011 में उक्त समिति को सिलोदा तालाब पट्टे पर मिला था, लेकिन सिलोदा तालाब को भगवान पिता गोरेलाल ने अवैध तरीके से किसी अन्य व्यक्ति को बेच दिया था जो कि समिति के नियम के विरुद्ध है। इसी के साथ सचिव भगवानसिंह द्वारा सहकारिता के नियम विरुद्ध अपने स्वयं का लाभ लेने के लिए मनमाने तरीके से शुजालपुर और नांदासुरा आदि लोगों के नाम समिति में जोड़ रखे हैं। जबकि इन ग्रामों की दूरी 15 से 100 किलोमीटर है।
समिति सदस्यों ने शिकायती आवेदन में बताया कि भगवानसिंह को ग्राम डूंगलाय के लोगों ने समिति सदस्य बनने हेतु अंश राशि 2011 में जमा करवाई थी, लेकिन राशि लेने के बाद भी लोगों के नाम समिति में नहीं जोड़े गए हैं। समिति सचिव पर आरोप है कि उसने ग्राम जेठड़ा तालाब पट्टे पर लिया और उसे अवैध ढंग से डाबरी के अन्य व्यक्तियों को बेच दिया, जिसकी शिकायत पूर्व में भी की गई है किंतु कोई कार्रवाई नहीं हुई। सचिव पर मनमानी करने का आरोप लगाते हुए सदस्यों ने कार्रवाई की मांग की है।
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