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देवेंद्र मीणा/इंदौरएक घंटा पहले

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मैं वकील राजेश राय काफी पहले से जानता था। मेरे एक मित्र ने इनसे मिलवाया था। मेरा एक लड़ाई झगड़े का केस था, जो मैंने इन्हें दिया था। केस में इन्होंने मेरी जमानत करवाई थी, तब फीस के एवज में मैंने इन्हें 10 हजार रुपए भी दिए थे।

बाद में मामले में जब कोर्ट में चालान पेश हुआ था तो पूरा केस 50 हजार रुपए में लड़ने की बात हुई। तब 30 हजार रुपए मैंने इन्हें दिए थे लेकिन इन्हें केस लड़ना नहीं आता था। शुरू में तो मुझे पता नहीं चला कि ये फर्जी है लेकिन बात में इनकी बातों से लगा की इन्हें तो वकालत करना नहीं आती है। वकालत का तो नॉलेज ही नहीं है। जो पूछता था, उसका अलग ही जवाब देते थे। अलग ही कहानी बताते थे। जिला कोर्ट में ही मुझे मिलने बुलाते थे, वहीं इनकी टेबल लगी हुई थी।

मुझे लगा कि ये मुझे ही उलझा रहे हैं। मुझे शक हुआ तो फिर मैंने राजेश राय से कहा कि आप मेरा केस छोड़िए और मेरी फीस लौटा दीजिए। इस पर इन्होंने फीस नहीं लौटाई और कोर्ट में मुझ से विवाद किया। इसके बाद मैंने बार काउंसिल में इनकी शिकायत की। वहां से मुझ लिखकर दिया गया कि ये (राजेश राय) तो हमारे यहां रजिस्टर्ड वकील ही नहीं है। सागर के वकील है राजेश राय, उनकी सनद यूज कर ये पिछले 10-12 सालों से इंदौर में वकालत कर रहा है।

आरोपी फर्जी वकील राजेश राय, जिसके खिलाफ एमजी रोड थाने पर केस दर्ज हुआ है।

आरोपी फर्जी वकील राजेश राय, जिसके खिलाफ एमजी रोड थाने पर केस दर्ज हुआ है।

अभी तक ये करीब 700 से 1 हजार केस लड़ चुका हैं, उसमें से 263 के तो मेरे पास ऑनलाइन रिकॉर्ड है, जो मैंने कोर्ट से निकवाए हैं। जनवरी 2022 में मैंने पुलिस को शिकायत की थी। उसके बाद पुलिस ने मामले की जांच की। पुलिस ने जांच पूरी कर अब आरोपी राजेश राय के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया है।

(जैसा शिकायतकर्ता विजय अंचेरा ने दैनिक भास्कर संवाददाता देवेंद्र मीणा को बताया।)

कहानी ऐसे वकील की जो बिना वकालत किए वकील बन जाए और कोर्ट में प्रैक्टिस करें। आत्मविश्वास ऐसा की वो आरोपियों के केस भी लड़े और उन्हें कोर्ट से जमानत भी दिलवाए। सुनने में अजीब लग सकता है लेकिन इंदौर जिला कोर्ट में ऐसा ही एक मामला सामने आया है।

दरअसल वह अपने ही नाम के सागर के वकील की सनद को यूज कर रहा था। जिनकी सनद यूज की गई, उन्हें भी नहीं पता था कि ऐसा कुछ हो रहा है। फर्जी वकील की पोल खुली तो वे भी चौंक गए। सागर वाले वकील राजेश राय का कहना है की एमजी रोड थाना पुलिस के द्वारा इस संबंध में सूचना दी गई है, उनका फोन आया था।

मामले की पूरी जानकारी लेने के बाद ही इसमें आगे कुछ बता पाऊंगा। एमजी रोड थाने में फर्जी वकील के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज किया है। आरोपी फर्जी वकील फरार है और उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीम लगी हुई है।

कोर्ट में लगा अपने नाम का बोर्ड

जिला कोर्ट में इस तरह से फर्जी वकील ने बोर्ड लगा रखा था।

जिला कोर्ट में इस तरह से फर्जी वकील ने बोर्ड लगा रखा था।

आरोपी राजेश राज बाकायदा कोर्ट में टेबल लगाकर आरोपी बैठता था। जनवरी 2022 में आरोपी फर्जी वकील की शिकायत पुलिस को की गई थी लेकिन मामले को पुलिस ने ठंडे बस्ते में डाल दिया। आधी से ज्यादा लड़ाई जब शिकायतकर्ता ने लड़ ली और सबूत तक लाकर दे दिए तब जाकर आरोपी के खिलाफ केस दर्ज हुआ।

मामले में पुलिस अब उन लोगों का भी पता लगा रही है, जिनका केस फर्जी वकील राजेश राय ने पूर्व में लड़ा है। जिनके वर्तमान में केस लड़ रहा था, उनकी जानकारी भी जुटाई जा रही है। यदि और फरियादी सामने आते हैं तो आरोपी के खिलाफ केस की संख्या बढ़ जाएगी। वहीं सवाल ये भी है कि आरोपी फर्जी तरीके से सालों से जिला कोर्ट में प्रैक्टिस करता रहा लेकिन किसी को पता क्यों नहीं चला।

शिकायतकर्ता विजय अंचेरा जिन्होंने फर्जी वकील की पोल खोली।

शिकायतकर्ता विजय अंचेरा जिन्होंने फर्जी वकील की पोल खोली।

आरोपी फरार, गिरफ्तारी के लिए तलाश जारी है

एमजी रोड थाना प्रभारी संतोष सिंह ने बताया कि फरियादी विजय अंचेरा के द्वारा एक लिखित आवेदन दिया गया था। जिसमें बताया था कि इनके खिलाफ हीरानगर थाने में एक केस रजिस्टर्ड हुआ था। उस केस में इनके वकील राजेश राय थे, जिनके द्वारा इनकी जमानत भी कराई गई और केस सुनवाई के दौरान फीस भी ली गई थी। फरियादी सुनवाई से संतुष्ट नहीं थे तो वकील पर इन्हें शक हुआ।

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