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खंडवा44 मिनट पहले

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रक्तमित्र शैलू मंडलोई के बेटे ओम मंडलोई ने किया रक्तदान। - Dainik Bhaskar

रक्तमित्र शैलू मंडलोई के बेटे ओम मंडलोई ने किया रक्तदान।

रक्तमित्र के पिता से सीख लेकर बेटे ने भी रक्तदान की उम्र होते ही अपने 19 बर्थडे पर ब्लड डोनेट किया। वही सालों से बेटे के जन्मदिन पर ब्लड डोनेट करते आ रहे पिता ने भी अपना 57वां रक्तदान किया। बेटे का कहना है कि, उनके लिए यह पहला अवसर था, पापा हमेशा लोगों को प्रेरित करते है, इसलिए मैंने खुद प्रेरित होकर उनसे सालभर पहले कह दिया था कि अगले बर्थडे पर मेरी उम्र रक्तदान करने की हो जाएगी, तो मैं भी रक्तदान करूंगा।

हमारा उद्देश्य सिर्फ इतना कि लोग जागरूक हो सके

रक्तदान को लेकर संस्था बना चुके रक्तमित्र शैलू मंडलोई बताते है कि, समाज में रक्तदान के प्रति हर किसी को जागरूक करना, हो रही रक्त की कमी को पूरा करने की कोशिश करना। यही हमारी जय महाराणा रक्तदान समूह संस्था का मकसद है। समय-समय पर रक्तदान शिविर लगाना, थैलेसिमिया, कैंसर, गर्भवती महिलाओं को हो रही रक्त की कमी को पूरा करने की कोशिश करते है।

इन सबके अलावा आज के युवाओं को जन्मदिन पर या किसी पारिवारिक कार्यक्रम में रक्तदान करने के साथ एक पौधे का रोपण करवाते है। ऐसे अवसरों पर रक्तदान करना एक यादगार पल की अनुभूति प्रदान करता है। जन्मदिन के अवसर पर सभी युवा एवं माता-पिता रक्तदान करते है, तो शायद ही समाज में कभी रक्त की कमी किसी मरीज को होगी।

मतदान की उम्र में रक्तदान, अच्छे नागरिक की पहचान

मंडलोई का कहना है कि, जन्मदिन के 18 वर्ष पूरे होने के बाद सभी को देश के लिए मतदान एवं समाज के लिए रक्तदान करना चाहिए। जिससे मतदान से एक अच्छे राष्ट्र का निर्माण एवं रक्तदान से समाज मे हो रही रक्त की कमी को पूरा किया जा सकता है। इसी को लेकर उनके बेटे ओम मंडलोई ने 18 साल की उम्र पूरी होते ही रक्तदान किया। ओम कराते किड नेशनल चैंपियन में गोल्ड मेडलिस्ट, बेस्ट एनसीसी कैडेट और देहदानी है।

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