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संतोष शितोले/इंदौर28 मिनट पहले

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इंदौर में ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में होने वाले बड़े इवेंट्स में बिन बुलाए मेहमान बनने वाले GST अफसर संजय विजयवर्गीय के खिलाफ गुरुवार देर रात लसुड़िया थाने पर आवेदन दिया गया है। पार्टियों के शौकीन इस अफसर पर कई और खुलासे हुए हैं। मूलत: देवास में पदस्थ यह अफसर विभाग में रखे गिफ्ट तक बेच चुके हैं। गौरतलब है कि सेंटर के स्टाफ को कई बार ये व्यक्ति घूमते दिखता था लेकिन जब एक गेस्ट ने शिकायत की तो मामला बढ़ गया था।

दरअसल, सेंटर में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट, एनआरआई सम्मेलन सहित कई बड़े सरकारी आयोजन हो चुके हैं। अधिकारी संजय विजयवर्गीय (सहायक वाणिज्यिक कर अधिकारी देवास) करीब डेढ़ साल से यहां बिना बुलाए यहां आकर अपना रुतबा जमाते रहते थे। अगले हफ्ते यहीं जी-20 सम्मेलन की एक बैठक भी है जिसमें कई विदेश के डेलीगेट्स आएंगे। अधिकारी के एक अन्य बड़े होटल में भी इस तरह बिन बुलाए पार्टियों में शामिल होने का पता चला है।

विभाग के बचे हुए गिफ्ट कार में रखवाए और बाजार में बेच दिए

जीएसटी अधिकारी विजयवर्गीय को लेकर अब धीरे-धीरे जीएसटी डिपार्टमेंट के स्टाफ के कर्मचारी भी उसके किस्से दबी जुबान सुनाते हैं। बताया जाता है कि एक बार डिपार्टमेंट ने एक आयोजन रखा था जिसमें काफी गिफ्ट मंगाए गए थे। उक्त आयोजन के बाद कुछ गिफ्ट बच गए तो विजयवर्गीय उन्हें अपनी कार में रखा और दुकान पर ले गए। उन्होंने गिफ्ट वापस कर रुपए रिफण्ड करा लिए। इसकी जानकारी विभाग को बाद में लगी तो उन्हें तब चेतावनी दी गई थी।

पहले रौब झाड़ता रहा, जब मोबाइल पर GST कमिश्नर का फोटो बताया तो कान पकड़ लिए

मामले में सेंटर के अधिकारियों ने उलट सवाल किया कि मेडिकल की इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस में जीएसटी अधिकारी का क्या काम तो वे झेंप गए। फिर उन्हें वहां से एक हॉल में जाकर बैठाया गया और पूछताछ की तो वे घबरा गए। फिर उन्होंने जीएसटी कमिश्नर लोकेश जाटव के पीए का हवाला दिया तो कंपनी के एक अधिकारी ने मोबाइल पर जीएसटी कमिश्नर की फोटो दिखाई और कहा कि आपके साहब यही है ना।

अब इन्हें शिकायत करते हैं तो वे घबरा गए। उन्होंने कान पकड़े, हाथ पैर जोड़े और माफी मांगी कि मुझे छोड़ दो। अब मैं ऐसा नहीं करूंगा। इसके साथ ही यह कबूला कि मैंने यहां कई पार्टियां अटैण्ड की हैं। चूंकि अगले हफ्ते जी-20 सम्मेलन की बैठक है और मामला सुरक्षा से जुड़ा है तो स्टाफ ने पुलिस को सूचना दी और उन्हें सुपुर्द कर दिया।

इसके बाद गुरुवार रात ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर प्रबंधन ने मामले की शिकायत लसूडिया पुलिस को की है। टीआई संतोष दूधी ने बताया 9 जुलाई को संजय विजयवर्गीय से पूछताछ की थी तो उनके जीएसटी अधिकारी के होने की बात सच निकली है। चूंकि नकली अधिकारी जैसा कोई मामला नहीं है इसलिए सामान्य पूछताछ के बाद हिदायत के देकर उन्हें छोड़ दिया गया था।

थाने पर अधिकारी के खिलाफ दिया गया ये आवेदन

यह आवेदन थाने पर दिया गया है।

यह आवेदन थाने पर दिया गया है।

बायपास की बड़ी होटल में भी कई कॉन्फ्रेंस में हुए शामिल

बताया जाता है कि उक्त अधिकारी स्कीम 54 में रहते है तथा देवास में पदस्थ है। उनके बारे में पता चला है कि वह बायपास स्थित एक बड़ी होटल में भी कई बार बिना बुलाए कॉन्फ्रेंस, इवेंट्स व लंच-डिनर में शामिल हुए। वहां का स्टाफ भी यही समझता रहा कि यह कॉन्फ्रेंस से जुड़े अधिकारी हैं।

चौंकाने वाली बात यह कि ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट, एनआरआई सम्मेलन, स्टार्टअप आईटी आयोजन आदि हुए हैंं। इनमें पीएम, सीएम सहित देश-विदेश के डेलीगेट्स शामिल हुए। हालांकि वे इन आयोजन में नहीं पहुंचे लेकिन इस तरह अन्य आयोजनों में उसका बिन बुलाए शामिल होना चौंकाने वाला है। मामले की शिकायत जीएसटी कमिश्नर लोकेश जाटव तक भी पहुंची है और उन्होंने उसके बारे में सारी जानकारी बुलवाई है।

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