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श्योपुर2 घंटे पहले
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भास्कर संवाददाता | श्योपुर
पुरुष भागीदारी जनसंख्या नियंत्रण में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, लेकिन पुरानी धारणाओं तथा सामाजिक एवं सांस्कृतिक भूमिकाओं के चलते परिवार नियोजन में पुरुषों की भागीदारी बहुत कम है।
परिवार नियोजन के साधनों के उपयोग में पुरूषों की भागीदारी बढ़ाने के उददेश्य से उपस्वास्थ्य केंद्र स्तर पर पुरूष सहभागिता सम्मेलन आयोजित किए जा रहे है, जिसके अंतर्गत बुधवार को सलापुरा में पुरूष सहभागिता सम्मेलन का आयोजन किया गया।
जिसमें सीएचओ धर्मेंद्र कुमार एवं सेक्टर सुपरवाइजर आरएस कंषाना द्वारा आशंकाओं और अवरोधों को दूर करते हुए बताया कि पुरूष नसबंदी महिला नसबंदी की तुलना में सुरक्षित, प्रभावी व सरल ऑपरेशन है, जिससे स्वास्थ्य पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता है।
पुरूष नसबंदी बिना चीरा बिना टांके लगाए 10-15 मिनिट में हो जाती है और 30 मिनट बाद हितग्राही स्वयं चलकर अपने घर जा सकता है, पुरूष नसबंदी के बाद कोई कमजोरी नहीं आती है और वह पहले की तरह दैनिक कार्य, शारीरिक कार्य एवं मजदूरी पर जा सकता है।
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