[ad_1]
- Hindi News
- Local
- Mp
- Indore
- Vehicle Modified In 37 Days, Now Traveling From Home To India; Recognizing The History And Culture Of The Country By Meeting People
स्वतंत्र शुक्ला। इंदौर36 मिनट पहले
- कॉपी लिंक

भारत भ्रमण पर निकला यह कपल राजस्थान के जयपुर से मॉडीफाइड गाड़ी में गृहस्थी का सामान लेकर इंदौर पहुंचा। यहां खजराना गणेश मंदिर में पूजन-अर्चन कर आगे के सफर की कामना की। 64 वर्षीय अनिल मेहता और 58 वर्षीय पत्नी गीता के साथ जयपुर से 23 अप्रैल 2023 को यात्रा की शुरुआत की थी। ये बताते हैं कि इन्हें बचपन से घूमने का शौक था। 1991 में बाइक से नेपाल और भूटान की राइड कर चुके हैं।

खजराना गणेश मंदिर स्थित मिठाई की दुकान में लड्डू खरीदते दिखे अनिल मेहता और पत्नी गीता।
इनकी तीन बेटियां हैं। माता-पिता की इच्छा देखकर तीनों बेटियों ने मिलकर उन्हें यह गाड़ी गिफ्ट की। इनके मन में एक दिन देश की संस्कृति को समझने की इच्छा लंबे समय थी। तब मेहतना ने गाड़ी को मोडीफाइड कराया। ताकि उसमें अपनी जरुरतों का सभी सामान और आराम की सुविधा हो। 37 दिन में जब गाड़ी आवश्यकता अनुसार बनकर तैयार हो हुई तो राजस्थान सहित पूरे देश की यात्रा पर निकल पड़े।
महाकाल लोक उज्जैन का दर्शन करने के बाद वे खजराना गणेश मंदिर इंदौर पहुंचे। दैनिक भास्कर के साथ हुई बातचीत में बताया कि यहां पहुंचने से पहले राजस्थान और उत्तराखंड घूम चुके हैं। उन्होंने बताया कि भारत का यह सफर 1111 दिन में पूरा करने का लक्ष्य है। जिस गाड़ी से सफर कर रहे हैं उसे चलता-फिरता घर कहा जा सकता है। इस गाड़ी में साढ़े 5 फीट का पलंग, गैस, सोलर लाइट सहित गृहस्थी की जरूरत का पूरा सामान है।
पत्नी का कदम-कदम पर मिल रहा सहयोग
अनिल मेहता ने दैनिक भास्कर से बातचीत में बताया कि 6 महीने तक ट्रेवल ब्लॉग देखकर इस गाड़ी को मोडिफाइड कराया है। पिछले दशहरे पर बेटियों ने यह कार गिफ्ट की थी। इस पर सिर्फ डेढ़ लाख रुपए खर्च किए हैं। गीता ने बताया, इस सफर में मैं 7-8 दिन साथ रहने के लिए निकली थी। उत्तराखंड में जब खतरनाक सड़कें और पहाड़ी इलाका देखा तो इन्हें अकेला छोड़ने की हिम्मत नहीं हुई। इसके बाद सफर करते-करते अब मैं भी खूब एंजॉय करने लगी हूं।

मंदिर में दर्शन करने के बाद अनिल मेहता और पत्नी गीता मेहता ने क्लिक कराई यादगार तस्वीर।
हर जगह मिलता है अपनापन
अब तक जहां भी गए वहां लोगों ने दिल खोलकर स्वागत किया। ग्रामीण इलाकों में तो ऐसा अपनापन मिल रहा है जैसे हम उनके बीच के हों। सफर में कई लोग जबर्दस्ती हमें खाने पर बुला रहे हैं। वे रात रुकने की भी खूब गुजारिश करते हैं। हालांकि हमने तय किया है कि हम एक भी दिन होटल, लॉज या किसी भी परिचित के घर रात नहीं रुकेंगे। सेफ्टी के लिए हम पुलिस स्टेशन, फॉरेस्ट चैकपोस्ट, सर्किट हाउस की पार्किंग जैसी जगह प्रिफर करते हैं।

एक दिन में 150 किमी तक का करते हैं सफर
तीन साल से भी ज्यादा का टूर प्लान करने के सवाल पर पर वे बताते हैं कि इंडिया इतना खूबसूरत है कि इसे कुछ दिनों या महीनों में नहीं देखा जा सकता। हमें इस खूबसूरती को महसूस करना है। इसलिए रोजाना बमुश्किल 150 से 200 किलोमीटर का ही सफर करते हैं। जो जगह अच्छी लगती है वहां एक-दो दिन ठहर जाते हैं।
[ad_2]
Source link
