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भोपाल34 मिनट पहले
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1 आरओबी, 2 फ्लाइओवर, 15 अंडरपास, 2 बड़े जंक्शन होंगे
भोपाल के पश्चिमी बायपास की राह आसान हो गई है। उच्च स्तरीय इंपावर्ड कमेटी ने 2981 करोड़ की लागत वाले 40.90 किमी लंबे इस बायपास को मंजूरी दे दी है। साथ ही स्टेंडिंग फाइनेंस कमेटी (एसएफसी) की भी सहमति मिल गई है। अब इसे कैबिनेट में ले जाने की तैयारी है। इसके बाद उत्तर-पूर्व के बायपास व पश्चिमी बायपास को मिलाकर भोपाल के चारों तरफ रिंग रोड की तरह काम करेगा।
प्रोजेक्ट को दस लेन के हिसाब से बनाया जा रहा है। इसमें से सिक्स लेन के स्ट्रक्चर पर फोर-लेन बनेगा। साथ ही इसके दोनों तरफ 2-लेन की सर्विस रोड भी बनेगी। इस पर एक रेलवे ओवर ब्रिज, दो फ्लाईओवर, 15 अंडर पास और दो बड़े जंक्शन बनेंगे। प्रोजेक्ट हाइब्रिड एन्यूटी मोड पर बनेगा। इसमें प्रोजेक्ट कॉस्ट की 40 प्रतिशत राशि पांच किश्तों में दी जाएगी। शेष 60 फीसदी राशि सड़क बनने के बाद 15 वर्षों तक मिलेगी। गत 21 जून को इसे इंपावर्ड कमेटी ने मंजूरी दी है। उत्तर-पूर्व क्षेत्र में चार लेन भोपाल बायपास का निर्माण 2013 में किया जा चुका है। यह भोपाल-औबेदुल्लागंज 46 से शुरू होकर रायसेन रोड, विदिशा, बैरसिया और ब्यावरा रोड को क्रॉस करते हुए भोपाल-देवास मार्ग को भौरी जोड़ पर मिलता है। कुल लंबाई 52 किमी है।
राह आसान… डेढ़ घंटे का सफर 45 मिनट से कम में पूरा होगा
अफसरों के मुताबिक पश्चिमी बायपास बनने से करीब डेढ़ घंटे का सफर 45 मिनट से कम समय में पूरा हो जाएगा। जबलपुर या नर्मदापुरम से आने वाले लोगों को इंदौर जाने में 25 किमी कम दूरी तय करनी होगी। आधा से एक घंटा समय भी बचेगा। वाहन मंडीदीप औद्योगिक क्षेत्र या भोपाल शहर के बीच से नहीं जाएंगे। भोपाल (मंडीदीप) और इंदौर (पीथमपुर) के औद्योगिक क्षेत्रों के बीच अच्छी कनेक्टिविटी के साथ जबलपुर और नर्मदापुरम से आने वाले लोगों को इंदौर से सीधा जुड़ाव मिलेगा।
1 आरओबी, 2 फ्लाइओवर, 15 अंडरपास, 2 बड़े जंक्शन होंगे
- औबेदुल्लागंज से आते समय मंडीदीप के ठीक पहले शुरू होकर कोलार रोड में गोल जंक्शन से निकलेगा।
- फिर पहाड़ी को काटते हुए फॉरेस्ट और निजी जमीन से निकलकर रातीबड़ रोड को 4 किमी आगे क्रॉस करेगा।
- यहां से जैन मंदिर-खजूरी और फंदा के सेंटर प्वाइंट पर इंदौर रोड से कनेक्ट होगा।
पैसे का गणित… किसके जिम्मे कितना बजट रहेगा, यह भी तय
- भू अर्जन में 427 करोड़। पर्यावरण प्रबंधन में 15 करोड़ लगेंगे। राज्य बजट से काम होगा।
- ब्याज समेत मूल सड़क निर्माण की लागत 1743 करोड़ होगी। इसका 40 प्रतिशत 697 करोड़ का भुगतान निर्माण अवधि के दौरान होगा। व्यवस्था सड़क विकास निगम करेगा।
- बायपास के खर्चों के साथ आज लागत 2204 करोड़ भू अर्जन के 427 करोड़ व पर्यावरण की अनुमति, यूटिलिटी शिफ्टिंग पर खर्च शामिल होगी। निर्माण के दौरान अनुमानित लागत 2981 करोड़ रुपए होगी।
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