[ad_1]
- Hindi News
- Local
- Mp
- Bhopal
- Those With Less Marks Are Getting Appointment In Sub Engineer Recruitment, Those With More Are Stuck; Because The Result Is Not Revised
भोपाल41 मिनट पहलेलेखक: गिरीश उपाध्याय
- कॉपी लिंक

पटवारी भर्ती का रिजल्ट भी ओबीसी के 27% आरक्षण के साथ हुआ
हाईकोर्ट में ओबीसी आरक्षण विवाद का मामला विचाराधीन होने के बाद भी मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (ईएसबी) द्वारा आयोजित होने वाली भर्ती परीक्षाओं के रिजल्ट ओबीसी के 27 प्रतिशत आरक्षण के आधार पर रिजल्ट तैयार हो रहे हैं। ईएसबी ग्रुप-3 सब इंजीनियर ड्राफ्समैन, समयपाल एवं अन्य समकक्ष पदों के लिए संयुक्त भर्ती परीक्षा 2022 का रिजल्ट 73 प्रतिशत आरक्षण देकर जारी किया गया। इसमें ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण दिया, लेकिन उम्मीदवार इसके खिलाफ हाईकोर्ट जाने की बात कर रहे हैं।
इधर, ग्रुप-3 सब इंजीनियर, ड्राफ्टमैन, समयपाल एवं अन्य समक्षक पदों के लिए संयुक्त भर्ती परीक्षा- 2022 के मामले में सामान्य प्रशासन विभाग की गाइडलाइन जारी होने के बाद भी विवाद गहरा गया है। दरअसल, मेरिट होल्डर्स को नियुक्ति नहीं मिल पा रही है और उनसे कम नंबर प्राप्त करने वाले उम्मीदवारों को नियुक्ति मिल गई है। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि गाइडलाइन जारी होने के बाद रिजल्ट रिवाइज्ड किए बिना ही नियुक्ति पत्र जारी किए जाने लगे हैं। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस भर्ती को लेकर 26 जून को गाइडलाइन जारी की। वहीं विभागों ने सब इंजीनियर के पद पद 30 जून को ओबीसी कैटेगरी के बॉटम के 13 प्रतिशत उम्मीदवारों की नियुक्ति रोक कर टॉप के 14 प्रतिशत पदों पर चयनित उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र जारी कर दिए। लेकिन, उम्मीदवारों का कहना है कि जीएडी गाइडलाइन भी सही तरीके से फॉलो नहीं की गई।
रिजल्ट रिवाइज्ड नहीं कराया गया। रिजल्ट रिवाइज्ड नहीं करने और शासन की गाइडलाइन लागू करने से पूरा आरक्षण रोस्टर गड़बड़ा गया है। इससे ओबीसी वर्ग के उम्मीदवारों को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। रिजल्ट रिवाइज्ड होने पर उन्हें अनारक्षित श्रेणी में स्थान मिल सकता था या फिर उन्हें अपनी ही कैटेगरी में उनके द्वारा दिए गए प्राथमिकता क्रम में शामिल अन्य विभाग में ज्वाइनिंग मिल सकती थी। लेकिन, अब नियुक्ति मिलने वाले उम्मीदवारों से ज्यादा मार्क्स होने पर भी उनकी नियुक्ति होल्ड पर चली गई है। ग्रुप-3 संयुक्त भर्ती परीक्षा के तहत 31 विभागों में 2628 पदों पर भर्ती होनी है। करीब 15 विभागों से ज्यादा में नियुक्तियां होल्ड की गई थीं। इन पर अब नियुक्ति देना शुरू कर दिया है। उम्मीदवारों का कहना है कि शासन की गाइडलाइन भी सही ढंग से लागू की जाए। एक पक्ष यह भी है रिजल्ट रिवाइज्ड किया जाता है। तो जिन्हें नियुक्ति मिली है वे होल्ड पर जा सकते थे, क्योंकि इनमें 16 विभाग 27 प्रतिशत आरक्षण के अनुसार 26 जून की गाइडलाइन के पहले नियुक्ति दी जा चुकी थी।
- पटवारी भर्ती का रिजल्ट भी ओबीसी के 27% आरक्षण के साथ हुआ
- 15 से ज्यादा विभागों में होल्ड की गई थीं नियुक्तियां
इन दो उदाहरणों से समझिए क्या है मामला
- पीएचई में सिविल ब्रांच के लिए ओबीसी एक्स ओपन श्रेणी के 31 पद थे। इसका कटऑफ 135.97 था। इनमें से टॉप के 15 उम्मीदवार को ज्वाइनिंग देने के लिए बुलाया। जो उम्मीदवार 15वें स्थान पर है, उसके 137.92 मार्क्स है। इसी श्रेणी में हाउसिंग बोर्ड में 20 पद हैं। इसका कटऑफ 136.07 था। यहां 10 उम्मीदवार को ज्वाइनिंग के लिए बुलाया है। 11वें स्थान पर जिसे होल्ड किया, उसके मार्क्स 140.03 हैं। यानी हाउसिंग बोर्ड में होल्ड पर चले गए उम्मीदवार के मार्क्स पीएचई में ज्वाइनिंग मिलने वाले उम्मीदवार से ज्यादा हैं।
- सिविल इंजीनियरिंग के लिए ओबीसी वर्ग के राज प्रताप सिंह को 137.03 अंक प्राप्त हुए। राज ने बताया कि उन्होंने विभागों की जो प्राथमिकताएं दी थीं, उनमें से दूसरे नंबर वाली जल संसाधन विभाग में उनका चयन हुआ। लेकिन, ओबीसी के 27% पदों से 13% होल्ड पर जाने से उन्हें नियुक्ति पत्र नहीं मिला। लेकिन, अर्बन डेवलपमेंट, वाटर हाउसिंग कॉर्पोरेशन, हाउसिंग बोर्ड, पीएचई, ग्रामीण यांत्रिक सेवा, पुलिस हाउसिंग बोर्ड, सहकारी विपणन संघ आदि के कटऑफ 137.03 से कम रहे। उन्हें इन विभागों में नियुक्ति मिल सकती थी।
विवादित स्थिति क्यों बनी, इस तरह समझें
कोई दो उम्मीदवार जिन्होंने ओबीसी वर्ग एक्स- ओपन पुरुष श्रेणी में आवेदन किया। दोनों ने सिविल इंजीनियर के लिए पेपर दिया। पेपर 200 अंक था। एक उम्मीदवार को 148 अंक प्राप्त हुए हैं और दूसरे को 149 अंक मिले। दोनों ने 3 विभागों का एक जैसी प्राथमिकता क्रम दिया। पहली प्राथमिकता वाले विभाग में 27 पद हैं। इस विभाग में 149 अंक प्राप्त करने वाले उम्मीदवार को 15वीं मेरिट मिली। इसे उम्मीदवार को पहली प्राथमिकता वाला विभाग ही मिल गया था। अब विभाग ने द्वारा 14% आरक्षण लागू कर शुरुआती 14 उम्मीदवार चयनित कर लिए। 15वीं मेरिट पर आने वाले उम्मीदवार को होल्ड पर चला गया। अब जो दूसरा उम्मीदवार है जिसके 148 अंक हैं। इस उम्मीदवार को दूसरे नंबर की प्राथमिकता वाला विभाग मिला लेकिन उसे मेरिट में पहला स्थान आया| इसे यहां ज्वाइनिंग मिल जाएगी। यदि रिजल्ट रिवाइज्ड होता तो 149 अंक प्राप्त करने वाले उम्मीदवार को दूसरी प्राथमिकता विभाग की मेरिट में पहला स्थान मिलता ना कि 148 अंक प्राप्त करने वाले उम्मीदवार को।
[ad_2]
Source link
