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देवेंद्र मीणा/इंदौर20 मिनट पहले
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14 साल की बेटी के साथ पिता अश्लील हरकत करने लगा। डर और धमकाने के कारण बेटी ने किसी को कुछ नहीं बताया और चुपचाप पिता की हैवानियत सहती गई। लेकिन एक दिन मां जब घर पर थी तब पिता ने हरकत की तो मां ने सब देख लिया। बेटी के साथ हो रहे इस अत्याचार का विरोध किया तो पिता ने मां की जमकर पिटाई की।
घटना के दो दिन तक दोनों मां-बेटी घर में सहमी-सहमी सी रही लेकिन फिर बेटी ने मन बनाया कि अगर आज हिम्मत नहीं दिखाई तो वो (पिता) छोटी बहन को भी शिकार बनाएंगे। आरोपी पिता के खिलाफ मां-बेटी ने थाने जाकर केस दर्ज करवा दिया। घटना के दो साल के बाद मामले में कोर्ट का फैसला आया है, जिसमें आरोपी पिता को कोर्ट ने उम्र कैद की सजा सुनाई है।
जानिए सिलसिलेवार क्या है पूरा मामला और पढ़िए पिता के हैवानियत की कहानी…
पहले जान लीजिए क्या है पूरा मामला
पुलिस ने कोर्ट को बताया कि 4 जुलाई 2021 को पीड़ित बेटी ने अपनी मां के साथ हीरा नगर थाने में जाकर यह रिपोर्ट दर्ज करवाई कि उसके पिता (55 साल) पिछले कुछ समय से उसके साथ अश्लील हरकत करते हैं। जब मम्मी काम पर चली जाती हैं और छोटी बहन बाहर खेल रही होती है तो अकेले में उसके पापा उसके साथ अश्लील हरकत करते हैं। इस बारे में किसी को बताने पर उसे व मम्मी को जान से मारने की धमकी देते है, इसलिए उसने डर के कारण किसी को कुछ नहीं बताया था।
2 जुलाई 2021 की रात पापा ने बुरी नीयत से उसका हाथ पकड़ा और बिस्तर पर पटक हरकत की। वो चिल्लाई तो उसकी मम्मी आई और उसे पापा से बचाया तब पापा ने उसकी मम्मी को भी मारा और घर से भाग गए। वह बहुत डरी हुई थी और बहुत रो रही थी इसलिए तब वह रिपोर्ट करने नहीं गई फिर उसे लगा कि यदि उसने पापा की इन गंदी हरकतों की रिपोर्ट नहीं की तो वह उसकी छोटी बहन के साथ भी ऐसा ही करेगा, इसलिए उसने घटना के दो दिन बाद रिपोर्ट लिखवाई।
पीड़िता की शिकायत के आधार पर हीरा नगर थाना में आरोपी पिता के खिलाफ पुलिस ने धारा 376(3), 376(2)(च), 376(2)(क) 323, 506 एवं लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 की धारा 5/6 के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की। पीड़िता की उम्र के संबंध में डॉक्यूमेंट्स जब्त किए और आरोपी पिता को गिरफ्तार किया। इसके बाद पिता और बेटी का मेडिकल परीक्षण करवाया गया। पुलिस ने जांच के बाद कोर्ट में चालान पेश किया।


पीड़ित बेटी ने बताया अपना दर्द – पिता दिखाते थे प्राइवेट पार्ट
पीड़िता ने कोर्ट को अपने बयान में बताया कि ‘आरोपी उसके पिता हैं। मैं अपने मम्मी-पापा व छोटी बहन के साथ रहती हूं। मेरी मम्मी फैक्ट्री में काम करती है व पापा रेलवे में। जब मेरी मम्मी काम पर जाती थी तब पापा मेरे साथ अश्लील हरकत करते थे। पापा अपना प्राइवेट पार्ट दिखाते और मारपीट करते थे। पापा बोलते थे कि ये बात मैंने किसी को बताई तो मेरी और मम्मी को मार देगा।
2 जुलाई 2021 की रात मेरी मम्मी काम से आई थी और खाना बना रही थी। पापा ने मुझसे पानी मांगा। मैंने उन्हें पानी लाकर दिया था। उस समय लाइट गई हुई थी फिर पापा ने हाथ पकड़कर बिस्तर पर खींच लिया। इससे मेरे हाथ से गिलास गिर गया। इस पर मैं जोर से चिल्लाई। मेरी आवाज सुनकर मम्मी आई। उन्होंने देखा कि पापा मेरे ऊपर लेटे हुए थे।
मम्मी ने पापा को धक्का दिया। और मुझे उठाया। मैं बहुत डर गई थी। और जोर-जोर से रो रही थी। फिर मैंने मम्मी को पुरानी घटना के बारे में बताया, कहा कि पापा मेरे साथ काफी समय से गंदी हरकत कर रहे हैं।यह बात जब मम्मी ने पापा से पूछी तो उन्होंने मम्मी को बहुत मारा। पापा ने उनके साथ बहुत गाली-गलौज की और घर से बाहर चले गए।’
घर आई तो बेटियों ने कहा कि मां भूख लग रही है तो मैं खाना बनाने चली गई
पीड़िता की मां ने अपने बयान में कोर्ट को बताया कि ‘घटना 2 जुलाई 2021 को रात करीब 8.30-9 बजे की है। उस दिन मैं अपनी नौकरी से घर पर लगभग 8 बजे के करीब आई थी तो बच्चों ने बोला था कि मम्मी भूख लग रही है। फिर मैं किचन में चली गई। उस समय घर की लाइट गई भी फिर बड़ी बेटी उसके पास आई और कहा कि पापा पानी मंगा रहे है तो पानी का ग्लास बेटी को दिया, जिसे लेकर वो पिता को देने चली गई। फिर बेटी के चीखने की आवाज आई थी तो यह भागकर गई और देखा कि बिस्तर पर बेटी के ऊपर पति पति लेटा हुआ था। पति को बेटी के ऊपर से हटाया और बेटी को पति से छीन कर अलग किया। इस पर पति ने उसके साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। कहा कि उसके टुकड़े-टुकड़े कर बोरी में भरकर फेंक देगा। इसके बाद पति घर से बाहर चला गया। पति के जाने के बाद उसने बेटी से पूछा कि क्या हुआ था तो उसने पूरी घटना बताई। पिता पहले भी उसके साथ गंदी हरकत कर चुका है।


आरोपी को बचाने के लिए कोर्ट में लेन-देन का झूठा तर्क दिया, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया
विशेष लोक अभियोजक संजय मीणा ने बताया कि पीड़िता नाबालिग थी और घटना के समय उस उम्र करीब 14 साल थी। आरोपी इसमें उसका पिता था। मां काम पर जाती थी और बेटी घर पर अकेली रहती थी तब आरोपी पिता बेटी के साथ छेड़खानी करता था और उसे लगातार परेशान करता था।
करीब एक साल से आरोपी पिता बेटी के साथ हरकत कर रहा था। डर और पिता के द्वारा ऐसी हरकत करने के कारण बेटी किसी को बता भी नहीं सकी और सब कुछ सहन करती रही। आरोपी बेटी को धमकी देता था कि अगर तूने हरकत के बारे में किसी को बताया तो तेरी छोटी बहन को मारूंगा, बहन और तेरे टुकड़े करके काट के फेंक दूंगा।
घटना के दूसरे दिन भी आरोपी पिता ने दोनों मां बेटी पर नजर रखी। तीसरे दिन जब वो काम करने के लिए घर से बाहर गया तो दोनों मां-बेटी थाने पहुंची और आरोपी पिता की शिकायत कर केस दर्ज करवाया। फिर कोर्ट में ट्रायल चला।

विशेष लोक अभियोजक संजय मीणा।
वहीं आरोपी पिता ने अपने बचाव में कहा कि वो निर्दोष है, पैसों के लेन-देन के विवाद के कारण उसे झूठा फंसाया गया है। लेकिन कोर्ट ने इसे नहीं माना क्योंकि उसके द्वारा इस तर्क के समर्थन में कोई सबूत पेश नहीं किए गए व पीड़िता व उसकी माता को प्रति परीक्षण के दौरान इस सबंध में कोई सुझाव भी नहीं दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त कोर्ट ने माना कि पीड़िता ने अपने कथन में स्पष्ट रूप से बताया है कि पिता द्वारा उसके प्रति लैंगिक अपराध किया गया, उसके कथन का समर्थन उसकी माता ने भी किया है, जो कि घटना की गवाह भी है।
इन दोनों ही गवाहों के बयान प्रति परीक्षण के दौरान पूर्णतः अखण्डनीय रहे हैं और प्रथम सूचना रिपोर्ट लेखकर्ता उपनिरीक्षक श्रद्धा पवार और पीड़िता का चिकित्सीय परीक्षण करने वाली चिकित्सक डॉ. आकांक्षा थोरा ने भी इस बात का समर्थन किया है कि पीड़िता द्वारा उन्हें यही बताया गया था कि उसके पिता ने उसके साथ उक्त अपराध किए हैं। पैसे की कोई बात नहीं थी, झूठा तर्क था लिहाजा कोर्ट ने उसका तर्क सिरे से खारिज कर दिया और मामले में दोषी पाकर आरोपी पिता को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
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