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इंदौर41 मिनट पहले
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रामानंद सागर के धारावाहिक रामायण में राम का किरदार निभाने वाले प्रसिद्ध कलाकार अरुण गोविल युवाओं में नशे को लेकर चिंतित हैं। शनिवार को इंदौर आए गोविल ने कहा कि ड्रग्स युवाओं को बर्बाद कर रहा है। जब तक युवाओं को नशे के बारे में पता चलेगा तब तक काफी देर हो चुकी होगी। आप सख्ती करेंगे तो वह और ज्यादा चोरी-छुपे बिकेगी। गोविल ने फिल्म आदिपुरुष पर किसी भी तरह की टिप्पणी करने से इंकार कर दिया।
युवाओं को संबोधित करते हुए गोविल ने कहा कि धर्म वो है जिसे हम धारण करते हैं। जैसे हम जीवन जीते हैं, हमारे जीवन का दर्शन है वही धर्म है। हम जिस भी शैली को हम मानते हैं जिस भी दर्शन को हम मानते हैं हमें उसका पूरी निष्ठा और इमानदारी से पालन करना चाहिए। मैं हिंदु, मुसलमान, सिख और इसाई को धर्म नहीं मानता, यह मेरे लिए संप्रदाय हैं। गोविल कौटिल्य एकेडमी के 21वें स्थापना दिवस पर स्टूडेंट को संबोधित करने आए थे। उनके साथ मंत्री उषा ठाकुर और इंदौर पुलिस कमिश्नर मकरंद देउस्कर भी मौजूद थे।
अरुण गोविल ने आगे कहा कि दूसरे को खराब कहने के लिए हमें अपने को ज्यादा अच्छा बताना जरूरी नहीं है। दूसरे को खराब कहना भी जरूरी नहीं है। इसलिए जैसा हमें सिखाया गया है वैसा ही अपने-अपने हिसाब से जीना चाहिए। हर धर्म में सभी बातें अच्छी ही बताई गई है।
यह तो बाद में आकर जिस तरह से मोड़ी गई है या अलग-अलग दिशा से पेश की गई है। अपने अपने स्वार्थों को पूरा करने के लिए यह कभी नहीं होना चाहिए। वहीं अध्यात्म को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता, उसको महसूस किया जा सकता है। जब हम परमात्मा को प्रकृति को सब को महसूस करने लगते हैं उसे ही अध्यात्म कहते हैं।
बच्चों को अध्यात्म की तरफ ले जाने की बात अभी नहीं करना चाहिए। बच्चों को सिर्फ अभी हमारे संस्कार और संस्कृति के बारे में ही बताएं। जब समय आएगा तब वह खुद ही अध्यात्म की तरफ चले जाएंगे। जड़ें हमेशा से मजबूत होना चाहिए। क्योंकि जड़े हिलती है तो सब खत्म हो जाता है।
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