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भोपाल3 घंटे पहले

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भोपाल में कृषि यांत्रिकीय विभाग में पदस्थ इंजीनियर की जिंदा जलने से मौत हो गई। उनके घर में आग लग गई थी। बताया जा रहा है कि लोगों के मना करने के बावजूद आग बुझाने के इरादे से वह जलते घर में दाखिल हो गए। तभी धुआं और आग की चपेट में आ गए। एक घंटे बाद फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों को उनका जला हुआ शव सीढ़ियों पर मिला।

घटना बुधवार रात करीब साढ़े 11 बजे की है। भोपाल के बागमुगलिया क्षेत्र की पेबल-बे कॉलोनी में अनिल पोरवाल (55) का घर है। वह संचालनालय कृषि अभियांत्रिकी में कृषि यंत्री के पद पर पदस्थ थे। परिवार में पत्नी के अलावा एक बेटी है। बुधवार रात करीब साढ़े 11 बजे वह अपने पालतू कुत्ते को घुमाने के बाद घर में पत्नी और बेटी के साथ बैठे थे।

उन्हें मकान की पहली मंजिल से धुआं निकलता दिखा। वह दौड़कर पहली मंजिल पर पहुंचे, तो आग विकराल रूप ले चुकी थी। पहले उन्होंने पत्नी और बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाला। इस दौरान आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए थे। लोगों ने फायर ब्रिगेड को सूचना दी। करीब 45 मिनट के बाद पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया

बुधवार रात करीब साढ़े 11 बजे घर में आग लगी थी। जिसमें जलकर कृषि यांत्रिकीय विभाग में पदस्थ इंजीनियर की मौत हो गई

बुधवार रात करीब साढ़े 11 बजे घर में आग लगी थी। जिसमें जलकर कृषि यांत्रिकीय विभाग में पदस्थ इंजीनियर की मौत हो गई

सीढ़ियों के पास मिला शव

बागसेवनिया थाना प्रभारी संजीव चौकसे ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस भी पहुंच गई थी। आग बुझाने के बाद पुलिस और परिजन पहली मंजिल पर पहुंचे, तो सीढ़ियों के पास अनिल पोरवाल का शव पड़ा था। आग की लपटों से वह बुरी तरह झुलस गए थे। बताया जा रहा है कि अनिल सीढ़ियों की मदद से ऊपर जाने की कोशिश कर रहे थे, तभी धुआं और आग की चपेट में आने से गिर गए। घर में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है।

पुलिस का कहना है कि संभवत: जिस कमरे में आग लगी, उसमें इंजीनियर का कीमती सामान रखा था, वह उसे लेने गए थे। दूसरी बात ये भी आ रही है कि वह आग बुझाने के उद्देश्य से ऊपर गए थे, जिससे आग की चपेट में आ गए। हालांकि पड़ोसियों और परिजनों ने उन्हें मना भी किया था। पुलिस ने मामला जांच में लिया है।

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