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- 34 People Were Cheated Of 72 Lakhs By Luring Themselves To Sell Their House Worth 7.85 Crores In Gujarat And Set Up A Garment Factory
सागर36 मिनट पहले
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आरोपी नासिर मोहम्मद उर्फ नासिर राजपूत को ले जाती हुई पुलिस।
सागर में कैंट थाना क्षेत्र के करीब चार साल पुराने धोखाधड़ी के मामले में अदालत ने फैसला सुनाया है। प्रकरण की सुनवाई अष्टम अपर सत्र न्यायाधीश अब्दुल्लाह अहमद की कोर्ट में हुई। न्यायालय ने प्रकरण में सुनवाई करते हुए 34 लोगों से ठगी करने वाले आरोपी नासिर मोहम्मद उर्फ नासिर राजपूत को दोषी पाते हुए धोखाधड़ी की धारा 420 के तहत प्रत्येक व्यक्ति के साथ की गई ठगी के लिए 5-5 वर्ष का कठोर कारावास कुल 170 वर्ष के कारावास और प्रत्येक में 10 हजार रुपए जुर्माने कुल 3.40 लाख रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। शासन की तरफ से मामले में पैरवी अपर लोक अभियोजक रामबाबू रावत ने की। न्यायालय ने अपने निर्णय में उल्लेख किया है कि सजा को क्रमवर्ती रूप में एक के बाद एक भुगताया जाएगा। मामले में कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि दोषी ने 34 लोगों के साथ छल किया है। प्रत्येक पीड़ित के संबंध में पृथक-पृथक दंडित किया जाना आवश्यक है। क्योंकि प्रत्येक पीड़ित के संबंध में आरोपी के द्वारा किए गए अपराध का उत्तरदायित्व भी पृथक-पृथक है।
जिला अभियोजन के मीडिया प्रभारी सौरभ डिम्हा ने बताया कि 12 अक्टूबर 2019 को शिकायतकर्ता अरविंद जाटव, इश्हाक खान, नियाज खान ने आरोपी नासिर मुहम्मद व उसके परिवार के अन्य सात सदस्यों के खिलाफ पुलिस अधीक्षक सागर को आवेदन दिया था। शिकायत में बताया कि एक व्यक्ति करीब 11 माह से अपना नाम नासिर मोहम्मद बताता है और बाद में उसके आधार कार्ड से पता चला कि उसमें उसका नाम नासिर राजपूत लिखा हुआ है। वह ग्राम भैंसा मुन्ना आटो ड्राइवर की आटो से आया था। मुस्तकीम टेलर मास्टर के मकान में किराए से रहने लगा। आरोपी नासिर व उसके परिवार के अन्य लोगों ने ग्राम भैंसा व सदर के लोगों को स्वयं को गुजरात का रहने वाला बताया। बताया कि उसका गुजरात का बंगला 7 करोड़ 85 लाख रुपए में बिका है। लेकिन आरबीआई ने मध्यप्रदेश में पैसा आने पर टैक्स के कारण रोक लगा दी है। टैक्स काटकर उसका पूरा पैसा उसके बैंक आफ बड़ौदा के खाते में आने वाला है।

सागर में ठगी करने वाले नासिर मोहम्मद उर्फ नासिर राजपूत को कोर्ट ने सजा सुनाई है। सभी 34 अलग-अलग मामलों में 5-5 साल की सजा दी है, जो एक-एक करके चलेंगी
कपड़े की फैक्ट्री खुलवाने के नाम पर ठगा
आरोपी ने उक्त बात सही बताने के लिए अपने मोबाइल नंबर पर बैंक का एसएमएस, पासबुक की एंट्री लोगों को दिखाई। उक्त जानकारी आवेदक के अलावा अन्य लोगों ने भी देखी थी। आरोपी नासिर और उसके परिवार के लोगों ने गांव में रहने वाले कई लोगों से जान-पहचान बनाई। लोगों को बताया कि उसका गारमेंट्स व कपड़ों का व्यापार है। उसके परिवार में उसका बेटा साउल व दाउद कम्बोडिया, वियतनाम और दुबई में कपड़ा, गारमेंट्स का व्यापार करते है। आरोपी ने बताया कि लोग यदि कपड़ा फैक्ट्री खोलना चाहें तो वह उनकाे माल सप्लाई करने में मदद करेगा। उसके बाद पीड़ित इश्हाक ने अपने दामाद व अन्य लोगों की मदद से आरोपी के मार्फत फैक्ट्री का निर्माण किया, जिसमें उसका काफी पैसा खर्च हुआ। आरोपी नासिर ने कई लोगों को अपने जाल में फंसाकर फैक्ट्री लगाने के नाम पर बैंक पासबुक की एंट्री और बैंक एसएमएस दिखाकर लाखों रुपए ठग लिए। आरोपी ने लोगों के पैसा वापस न करने पर मुस्तकीम मास्टर का मकान छोड़कर सरदार कालोनी में परिवार सहित रहने लगा था। इसी दौरान इश्हाक के वाहन से आरोपी 17 सितंबर 2019 को भोपाल यह कहकर गया कि उसका पैसा आ रहा है। रिजर्व बैंक आफ इंडिया भोपाल के अधिकारियों से मिलने व बैंक से पैसा निकालकर ला रहा है।
गुजरात में न मकान मिला और न ही कोई पहचान
भोपाल पहुंचकर कई लोगों को वीडियो कालिंग कर दिखाया कि 8.50 लाख रुपए उसने बैंक से निकाल लिया है और बाकि पैसा भी निकाल रहा है। इसके बाद आरोपी और परिवार के लोग घर का सामान छोड़कर अपने वाहन से रातों रात भाग गए। उन्होंने मोबाइल बंद कर लिए। जिसके बाद पीड़ित आरोपी के गुजरात स्थित पते पर गए। वहां लोगों ने बताया कि उक्त नाम का कोई व्यक्ति नहीं रहता है न ही वहां पर उसका कोई मकान रिश्तेदार व परिवार रहता है। उसके बाद शिकायतकर्ता व अन्य पीड़ित व्यक्तियों ने गुजरात स्थित आरोपी के संबंधित गांव का पता किया। जहां सरपंच ने भी बताया कि नासिर नाम का कोई व्यक्ति वहां नहीं रहता है।
72 लाख रुपए ठगकर भागा था आरोपी
शिकायतकर्ता ने नासिर राजपूत उसकी पत्नी सारिया उसके पुत्र दानिश साउल, दाउद सुलेमान व ईशापरी के मोबाइल नंबर भी पुलिस को बताए। आरोपी कई लोगों को लालच देकर लाखों रुपए ठगकर ले गया था। मामले में शिकायत पर कैंट थाना पुलिस ने प्रकरण दर्ज किया। जांच के दौरान प्रकरण में 34 फरियादी सामने आए। जिसमें पता चला कि आरोपी 34 लोगों से करीब 72 लाख रुपए धोखाधड़ी कर भागा है। पुलिस ने जांच पूरी कर चालान न्यायालय में पेश किया। कोर्ट ने प्रकरण में सुनवाई शुरू की। सुनवाई के दौरान अभियोजन ने प्रकरण से जुड़े साक्ष्य व दस्तावेज पेश किए। पीड़ितों की गवाही कराई। न्यायालय में मामले में साक्ष्यों के आधार पर फैसला सुनाते हुए आरोपी नासिर को प्रत्येक व्यक्ति के साथ ही गई धोखाधड़ी के मामले में 5-5 साल के कारावास की सजा सुनाई। सभी सजाएं एक के बाद एक चलेगी।
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