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इंदौर38 मिनट पहले
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कुछ दिनों से पीथमपुर, महू और मांडू क्षेत्र में तेंदुए का मूवमेंट देखा जा रहा था। लोग तेंदुए के डर से सहमे हुए थे। इस तेंदुए को वन विभाग की टीम ने अपनी गिरफ्त में ले लिया है। औद्योगिक नगरी पीथमपुर के सागौर थाना अंतर्गत आने वाले ऑटो टेस्टिंग ट्रैक में बीती रात तेंदुए का मूवमेंट देखा गया। नेट्रेक्स में लगे सीसीटीवी में तेंदुआ कैद हुआ।
इसके बाद से ही वन विभाग के अधिकारी लगातार टीम लगाकर तेंदुए की सूचना में जूट गए। विभाग ने जगह-जगह पिंजरे लगा कर तेंदुए को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। वन विभाग की टीम को उसमे सफलता प्राप्त हुई और तेंदुए को पकड़ लिया। वहीं अन्य बाघ जो अभी रहवासी क्षेत्र के आसपास खुले में घूम रहे हैं। उसके लिए भी टीम लगातार सर्च कर रही है।

वन विभाग की टीम की गिरफ्त में आने के बाद तेंदुआ ज्यादा आक्रामक हो गया था। अब इसे रहवासी क्षेत्र से दूर जंगल में छोड़ा जाएगा।
वन विभाग के अधिकारी महेश कुमार ने बताया कि हमें सूचना मिली थी कि टेस्टिंग ट्रैक में तेंदुआ घूम रहा है। पिछले कई दिनों से तेंदुए के रहवासी क्षेत्रों में आने से लोगों भय का माहौल था। इसको लेकर वन विभाग धार और मांडव की टीम रात दिन तेंदुए की सर्चिंग में लगी थी। हमें उसमें सफलता प्राप्त हुई। हमने तेंदुए को रेस्क्यू कर लिया है।
अब इसे रहवासी क्षेत्र से दूर जंगल में छोड़ा जाएगा। वहीं अन्य बाघ जो अभी रहवासी क्षेत्र के आसपास खुले में घूम रहे हैं। उसके लिए भी टीम लगातार सर्च कर रही है। उन्हें भी विभाग जल्द ही पकड़ कर जंगल में छोड़ देगा।
ग्रामीणों को किया आगाह
मांडू वन परिक्षेत्र के रेंजर महेश अहिरवार ने ग्रामीणों से संपर्क कर उन्हें जंगल से दूर रहने की हिदायत दी। कहा कि जब भी अपने खेत में जाएं तो समूह में जाएं। इसके अलावा जंगली जानवर को पत्थर या अन्य वस्तु से हमला नहीं करें। इससे वह भयभीत होकर आक्रमण कर सकता है। आने-जाने में हो हल्ला करते हुए चलें, ताकि वह सामना नहीं करेगा। रात्रि में खेत पर नहीं सोने की सलाह दी।
महू में तेंदुए की सर्चिंग के लिए टीम बनाकर जुटे; MCTE यूनिट के सामान्य काम बंद
वन विभाग द्वारा निरंतर दिन रात 24 घंटे मॉनिटरिंग कर यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा था। ताकि तेंदुए को उसके प्राकृतिक रूप में पुनः लाया जा सके। ऑपरेशन फ्रीडम में वन विभाग ने सेना के जवानों के साथ मिल कर सर्च रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम देने का प्रयास किया गया। इधर सेना और वन विभाग के जवानों में सुगम तालमेल और गर्म जोशी के साथ तेंदुए की सर्चिंग में जुटे रहे।

वन विभाग ने सेना के साथ मिलकर महू में ऑपेरशन फ्रीडम चलाया है। इसका उद्देश्य MCTE कैंपस को लेपर्ड मुक्त बनाने एवं MCTE यूनिट में निर्मित लॉकडाउन जैसी स्थिति से सेना एवं उनके परिवारों को मुक्त कराना सके। वन परिक्षेत्र अधिकारी महू वैभव उपाध्याय ने बताया की तेंदुए के प्रांगण में उपस्थित होने की खबर से जरूरी कदम उठाते हुए MCTE यूनिट में सामान्य कार्यों को कुछ दिनों के लिए स्थगित कर दिया गया।
महू क्षेत्र में सात तेंदुए कैमरे में कैद; गायों का शिकार करने से आसपास के गांव के लोगों में दहशत रही
महू क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में गायों के शिकार के बाद वन विभाग द्वारा लगाए गए कैमरों में 7 तेंदुए कैद हुए हैं। इसके बाद ग्रामीण इलाकों में दहशत फैली हुई है। इन तेंदुओं ने पिछले सप्ताह जहां छोटीजाम में गाय को मारा था, वहीं दो दिनों में दो और गायों को शिकार बनाया है। रेंजर सोहन जोशी ने बताया कि ग्राम भगोरा और बड़िया में दो गायों का शिकार किया गया है। इसके बाद ग्राम भगोरा में 3 तथा ग्राम बड़िया में 4 तेंदुए दिखे थे।

गौरतलब है कि इसके पहले भी ग्राम मांगलिया और पीपल्दा में दो गायों को मौत के घाट उतार दिया था। हालांकि तेंदुओं ने अभी जंगली क्षेत्र में शिकार किए।
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गांव से एक किलोमीटर दूर जंगल में मवेशी चराने गए एक बुजुर्ग को बाघ ने अपना शिकार बना लिया। बुजुर्ग का हाथ सहित आधे से ज्यादा शरीर बाघ खा गया। ग्रामीणों ने वन विभाग के अधिकारियों को घटना की सूचना दी गई। जिसके बाद वन विभाग के साथ ही पुलिस की टीम भी मौके पर पहुंच गई।

वन विभाग की रेस्क्यू टीम के साथ दिक्कत यह है कि वे महू, कोदरिया, बड़गोंदा क्षेत्र के जंगलों में सीधे जाकर बाघ को नहीं तलाश सकते। बचाव के तमाम संसाधन होने के बावजूद उसका सामना करना मुश्किल है। उसको पिंजरे में ही कैद किया जा सकता है। इसके अलावा किसी मकान, ऐसे स्थान में वह बैठा दिख जाए कि जहां से उसका निकलना मुश्किल है वहां पर उसे बेहोश कर काबू में किया जा सकता है।
ग्रामीणों ने बाघ को बुजुर्ग के शव को खाते हुए भी देखा है। वन विभाग ने मृतक के परिजनों को अंतिम संस्कार के 25 हजार रुपए नगद दिए। वहीं 8 लाख रुपए की आर्थिक मदद की जाएगी। जंगल में बाघ के पगमार्क के निशान दिखाई दे रहे हैं।
मामला महू रेंज के ग्राम मलेंडी से लगे हुए जंगल का है। जिस जगह बाघ ने शिकार किया है वहां ट्रैप कैमरे लगाए जाएंगे। साथ ही बाघ के पग मार्क्स वाले इलाके में चौबीस घंटे मॉनिटरिंग की जाएगी। गांव के दोनों तरफ बड़े-बड़े खेत और जंगल
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