Sat. Apr 11th, 2026

[ad_1]

खरगोन14 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

शहर कोतवाली पुलिस ने बुधवार को बाइक चोरी के मामले में बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनसे चोरी की 20 बाइकें और 2 बाइक के इंजन भी जब्त किए है। शहर में बढ़ती चोरी की वारदातों के बाद पुलिस ने यह कार्रवाई की है।

कोतवाली TI बीएल मंडलोई ने बताया कि 27 जून को चोरी की बाइक से अवैध मादक पदार्थ (गांजा) की तस्करी करने वाले आरोपी बंटी पिता छोटेलाल और बाबा उर्फ राकेश पिता छोटेलाल के खिलाफ थाने पर एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई कर उसे गिरफ्तार किया गया था। वहां से आरोपियों का पुलिस रिमांड मिला था।

इन क्षेत्रों से चुराई बाइकें

पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी बन्टी और बाबा उर्फ राकेश से खरगोन से चोरी गई बाइकों के बारे में पूछताछ की गई। आरोपियों ने बताया कि उन्होंने शहर में उनके साथी बादल निवासी रहीमपुरा, सुरेश पिता दिलीप निवासी हाल मुकाम रहीमपुरा के साथ मिलकर खरगोन, ऊन, मेनगांव, टांडाबरुड, मण्डलेश्वर से बाइकें चोरी की है। आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने बादल को गिरफ्तार कर उससे पूछताछ की। उसने भी इन क्षेत्रों से बाइकें चुराना कबूल किया।

साथ ही बताया कि चोरी गई गाड़ियों को ग्राम बोरी थाना निंबोला के कय्यूम पिता उस्मान गनी जिलानी को बेचना बताया। इसके बाद कय्युम पिता उस्मान गनी निवासी बोरी जिला बुरहानपुर को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से बाइक के चेचिस जब्त किए गए।

पूछताछ में कय्यूम ने बताया कि उसने आरोपी बंटी और उसके सगे भाई बाबा उर्फ राकेश निवासी ग्राम पिपराना थाना निंबोला जिला बुरहानपुर से बाइक खरीदना बताया। उसके बाद चोरी की बाइक के पार्ट्स निकालकर बेचने की बात कबूल कर ली। आरोपी कय्युम निवासी बोरी से 2 बाइक के चेचिस जब्त किए गए। चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करके पुलिस रिमांड लिया गया है। साथ ही बाकी चोरी की बाइकों के बारे में भी पूछताछ की जाएगी।

बीमार बनकर करते थे घरों की रैकी

आरोपी बंटी और बाबा उर्फ राकेश दोनों सगे भाई है। पूछताछ में दोनों ने वारदात का तरीका पुलिस को बताया कि बंटी का सगा छोटा भाई बाबा उर्फ राकेश बीमार होने का बहना बनाकर लोगों के घरों के बाहर बैठ जाता था। और वहां से बाइकों की रैकी करता था। बाद में गैंग के साथी बादल, सुरेश और अपने भाई बंटी को इशारा करके बाइक चुरा लेते थे।

चुराई गई बाइक जंगल में छुपाते थे आरोपी

TI बीएल मंडलोई ने बताया कि आरोपी बाइक को चुराकर ग्राम धुलकोट और ग्राम बोरी शिवा बाबा के जंगलों में छुपा देते थे। बाद में लोगों को अपनी बाइक बताकर रुपयों की आवश्यकता होना बताकर बेच देते थे या गिरवी रख देते थे। इस तरह वह अन्य आरोपी कय्युम निवासी बोरी से संपर्क में आए और उसे भी चोरी की बाइक सप्लाई करने लगे। आरोपी कय्यूम बाइक के पार्ट्स निकालकर अलग-अलग कर बेच देता था।

[ad_2]

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *