Sat. Apr 11th, 2026

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इंदौरएक घंटा पहले

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जिले में शासन द्वारा प्रस्तावित तथा वर्तमान में चल रहे विभिन्न प्रोजेक्ट्स में अब लेतलाली नहीं होगी। अभी इन प्रोजेक्ट्स या योजनाओं को लेकर विभिन्न विभागों में जो पत्राचार होता है उसमें समन्वय नहीं होने से इन्हें गति नहीं मिल पाती। इसके चलते जिला प्रशासन ने एक ‘समन्वय’ पोर्टल बनाया है। जिसमें सभी प्रमुख विभागों को जोड़ा गया है। उक्त पोर्टल का संचालन भी शुरू हो गया है। इसका फायदा आमजन को भी मिलेगा।

दरअसल कई प्रोजेक्ट्स ऐसे होते हैं जिसमें एक से ज्यादा विभागों की भूमिका होती है। आपस में सही समन्वय नहीं होने से इनके क्रियान्वयन में काफी समय लगता है। इसके चलते मंजूरी या तो देर से मिल पाती है या अटक जाती है। इसके लिए ‘समन्वय’ पोर्टल तैयार किया गया है।

कलेक्टर डॉ. इलैया राजा टी ने बताया कि टीएल बैठक में अकसर विभागों के समन्वय नहीं होने से संबंधी इश्यु रहे हैं। ऐसे में जब बैठक शुरू होती है तो अधिकारी फिर अपनी परेशानियां बताते हैं। इसे देखते हुए दो माह पहले गूगल शीट लॉन्च; की थी और इसके बाद पोर्टल बनाने का निर्णय लिया। हाल ही में एनआईसी के माध्यम से ‘समन्वय’ पोर्टल डेवलप करवाया।

जमीन विवाद, एनओसी की समस्याएं होंगी हल

कलेक्टर के मुताबिक इसमें हर विभाग के अधिकारी संबंधित प्रोजेक्ट को लेकर क्या-क्या समस्याएं हैं, दूसरे विभागों के साथ क्या को-ऑर्डिनेशन है, संबंधित इश्यु और अधिकारी का नाम डाल सकते हैं। फिर संबंधित अधिकारी तुरंत इसे देखकर लेटर्स के मूवमेंट व कम्युनिकेशन के साथ आगे की कार्यवाही कर सकता है।

दरअसल शहर के कई महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर, प्रोजेक्ट्स हैं जिसमें देरी न हो खासकर जमीन विवाद, ग्रीन बेल्ट के पेंच रहते हैं। इसके साथ ही टीएण्डसीपी, पीडब्ल्युडी, पीएचई, नगर निगम, आईडीए सहित अन्य विभागों से एनओसी लेना आदि खास होता है। पोर्टल से अब काम काफी आसान होगा और टीएल बैठक में प्रोजेक्ट्स के स्टेटस को लेकर किसी प्रकार की अड़चनें नहीं होंगी। इससे जमीन संबंधी इश्यूस को हल करने में काफी मदद मिलेगी।

इस पोर्टल से आमजन का सीधे तौर पर कोई सरोकार नहीं है लेकिन जब जमीन संबंधी विवाद हल होंगे और प्रोजेक्ट्स को गति मिलेगी तो फिर इसका लाभ उन्हीं को मिलेगा। कई बड़े प्रोजेक्ट्स में जमीन संबंधी मामले ही ज्यादा रहते हैं जिसमें अधिग्रहण, ग्रीन बेल्ट आदि को लेकर देरी होती है। अब समन्वय पोर्टल से अब विभागीय काम काफी आसान होगा।

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