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इंदौरएक घंटा पहले
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इंदौर से मुंबई और राजस्थान में एमडी (MDMA यानि मिथाइलीनडाइऑक्सी मेथाम्फेटामाइन) ड्रग्स की सप्लाय चेन ऑपरेट करने वाले बीजेपी नेता के बेटे को क्राइम ब्रांच ने पकड़ा है। जिस आरोपी को क्राइम ब्रांच और पुलिस का महकमा दो साल से तलाश रहा था वह बजरंग दल कार्यकर्ताओं की पिटाई कांड के केवल 10 दिनों के भीतर ही पुलिस की गिरफ्त में आ गया।
क्राइम ब्रांच का दावा है कि उन्होंने छोटी ग्वाल टोली के एक होटल से मुखबिर की सूचना पर उसे गिरफ्तार किया। लेकिन सूत्रों का दावा है कि बिलाल ने पुलिस के सामने सरेंडर किया है। बहरहाल इस गिरफ्तारी के बाद पुलिस का दावा है कि बिलाल पुत्र कमाल खान दो साल से इंदौर में ही रहकर फरारी काट रहा था।
वह बार-बार अपने ठिकाने बदल देता था। कई आयोजनों में उसकी आवाजाही लगी रहती थी। पुलिस को इसकी जानकारी थी, लेकिन अफसरों का दावा है कि हमने उसे पुख्ता सबूत के साथ पकड़ने का इंतजार कर रहे थे। DCP क्राइम निमिष अग्रवाल के मुताबिक बीजेपी नेता कमाल खान का बेटा बिलाल 70 करोड़ से ज्यादा कीमत की 70 किलो एमडी ड्रग्स मामले फरार चल रहा था। क्राइम ब्रांच उसे दो साल से तलाश कर रही थी।

बिलाल खान। बिलाल बीजेपी के वरिष्ठ नेता और अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व राज्य मंत्री कमाल खान का बेटा है। क्राइम ब्रांच ने 70 करोड़ से ज्यादा कीमत की 70 किलो एमडी ड्रग्स बरामद की थी। पुलिस ने इस मामले में जनवरी 2021 में एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया था।
कौन है बिलाल, कैसे आया करोड़ो की ड्रग्स में नाम
बिलाल खान बीजेपी के वरिष्ठ नेता और अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व राज्य मंत्री कमाल खान का बेटा है। क्राइम ब्रांच ने 70 करोड़ से ज्यादा कीमत की 70 किलो एमडी ड्रग्स बरामद की थी। पुलिस ने इस मामले में जनवरी 2021 में एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया था।

दानिश और सलीम। दोनों मुंबई के हैं। ड्रग्स सप्लाय चेन में इनके साथ लक्की नाम भी आया था।बिलाल इनके संपर्क में भी था। इतना ही नहीं बिलाल पूर्व में पकड़ाए लाखों रुपए की एमडी ड्रग्स के साथ पकड़ाए रईस के संपर्क में भी था।
इस रैकेट में पुलिस के सामने आरोपी दिनेश अग्रवाल के साथ मुंबई के सलीम चौधरी, दानिश और लक्की के नाम आए थे। बिलाल इनके संपर्क में था। इसके साथ ही बिलाल पूर्व में पकड़ाए लाखों रुपए की एमडी ड्रग्स के साथ पकड़ाए रईस के संपर्क में भी था।

आरोपी दिनेश अग्रवाल। ये भी बिलाल के नेटवर्क का बड़ा ड्रग्स सप्लायर है। पुलिस इस पर भी कार्रवाई कर चुकी है। बिलाल का नाम पूर्व में पकड़ाए आरोपी विक्की परियानी, धीरज, सागर जैन, कपिल पाटनी, सईद और मोंटू पुरी से पूछताछ में सामने आया था। जिसके बाद अफसरों ने उसका नाम केस डायरी में लिख लिया था।
बिलाल का नाम पूर्व में पकड़ाए आरोपी विक्की परियानी, धीरज, सागर जैन, कपिल पाटनी, सईद और मोंटू पुरी से पूछताछ में सामने आया था। जिसके बाद अफसरों ने उसका नाम केस डायरी में लिख लिया था। बिलाल मुंबई ओर राजस्थान के ड्रग्स तस्करों के बीच चेन का काम करता था। जो इंदौर में पकड़ाए पैडलर्स के संपर्क में था। उनके मोबाइल में बिलाल के नंबर ओर रिकार्डिग भी मिली थी। इसी दौरान सोनू उर्फ यासीन, तबरेज और वजीर हसन के नाम भी सामने आए थे।

ड्रग्स सप्तालय सोनू उर्फ यासीन, तबरेज और वजीर हसन।
सबसे बड़े वांटेड से संपर्क, जो आज नहीं आया पुलिस के हाथ

10 हजार का इनामी फिरोज लाला। दरअसल बिलाल ही फिरोज लाला से ड्रग्स लेकर अजमेर के रास्ते इंदौर तक पहुंचाता था। इसका ड्रग्स सप्लाय नेटवर्क मध्यप्रदेश, राजस्थान, उत्तरप्रदेश के इलाकों में सक्रिय है। जिसकी कई राज्यों की पुलिस भी तलाश कर रही है।
विजयनगर थाना के तत्कालीन टीआई तहजीब काजी ने आंटी और उसके बेटे को दिसंबर 2020 में ड्रग्स के मामले में आरोपी बनाया था। आंटी और उसके बेटे ने पुलिस को पूछताछ में निंबाहेड़ा (राजस्थान) में सक्रिय फिरोज लाला के बारे में जानकारी दी थी। फिरोज इंदौर और आसपास के इलाकों में ड्रग्स सप्लाय करता है।
फिरोज लाला आज तक फरार है। जिस पर 10 हजार का इनाम भी घोषित है। पुलिस के मुताबिक बिलाल और फिरोज लाला के कनेक्शन के बारे में भी जानकारी पता चली थी। दरअसल बिलाल ही फिरोज लाला से ड्रग्स लेकर अजमेर के रास्ते इंदौर तक पहुंचाता था।
फिरोज का नेटवर्क मध्यप्रदेश, राजस्थान, उत्तरप्रदेश के इलाकों में सक्रिय है। जिसकी कई राज्यों की पुलिस भी तलाश कर रही है। टीआई काजी ने बताया कि जब वे फिरोज को पकड़ने गए तो फिरोज ने टीआई तहजीब काजी के परिवार को उनके ही गांव में मारने की धमकी भी दी थी।
बजरंग दल के विरोध के बाद 10 दिन में ही गिरफ्तारी
पलासिया चौराहे पर 15 जून 2023 की रात बजरंग दल ने बिलाल खान को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। इस मामले में जमकर लाठीचार्ज हुआ। वहीं पुलिस पर पथराव की नौबत भी आ गई। बजरंग दल का यह पिटाई कांड गृह विभाग तक पहुंचा।
इसमें DCP धर्मेन्द्र भदौरिया के साथ टीआई संजय सिंह बैस काे लाइन अटैच किया गया। वहीं ADG विपिन माहेश्वरी को मामले की जांच सौंपी गई। उन्होंने इंदौर आकर बजरंग दल के पदाधिकारियों के बयान लिये। बजरंग दल ने विपिन माहेश्वरी को बिलाल के शहर में ही सक्रिय होने के पुख्ता सबूत सौंपे थे।
इसके बाद क्राइम ब्रांच ने बिलाल को पकड़ने के लिए अपने मुखबिर तंत्र को एक्टिव कर दिया था। क्राइम ब्रांच ने बिलाल को बजरंग दल की पिटाई कांड के दस दिनों के भीतर ही गिरफ्तार कर लिया।
गुटखे पाउच में डाली आदत
रईस के पकड़ाने (पूरी गैंग के पकड़ाने के बाद जनवरी 2021 में कोर्ट से गिरफ्तार हुआ था) के बाद क्राइम ब्रांच ने एक के बाद एक कई लोगों को ड्रग्स मामले में पकड़ा था। जिसमें दिनेश अग्रवाल के बाद कई ड्रग्स पैडलर्स की गिरफ्तारी हुई।
पैडलर्स ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने खजराना, आजाद नगर और बड़वाली चौकी के नए-नए लड़कों को रुपए का लालच देने के बाद गुटखे और पाउच में मिलाकर ड्रग्स की आदत लगाई थी। जिसके बाद यह रैकेट बढ़ता गया। बिलाल मुंबई ओर राजस्थान के ड्रग्स तस्कारो के बीच चेन का काम करता था। जो इंदौर में पकड़ाए पैडलर्स के संपर्क में था। उनके मोबाइल में बिलाल के नंबर ओर रिकार्डिग भी मिली थी।
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