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छतरपुर (मध्य प्रदेश)एक घंटा पहले

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भाजपा के समर्थन से ही जिला पंचायत अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की कुर्सी पर काबिज हुई 2 महिलाओं के बीच निर्माण कार्य की स्वीकृत होने वाली सरकारी राशि को लेकर तलवारें खींच गई हैं।

जिला पंचायत की उपाध्यक्ष पार्वती राजपूत ने मुख्यमंत्री को लिखित में शिकायत करते हुए आरोप लगाए हैं कि जिला पंचायत अध्यक्ष विद्या अग्रिहोत्री ने सीईओ की मिलीभगत से 15वें वित्त की विकास राशि को अपने वार्ड में भेदभावपूर्ण तरीके से हड़प लिया है। पत्र में कहा गया है कि जिला पंचायत अध्यक्ष ने 90 प्रतिशत राशि भगवां वार्ड के लिए स्वीकृत कराई और इसमें से भी 80 फीसदी से अधिक राशि उनके गृह ग्राम डिकौली के लिए स्वीकृत हो गई।

जिला पंचायत छतरपुर के अंतर्गत 22 वार्ड हैं लेकिन इनमें से 19 वार्ड खाली हाथ रहे। 90 फीसदी राशि को एक वार्ड में और 10 फीसदी से भी कम राशि को दो अन्य वार्ड में वितरित कर दिया गया। राशि के बंटवारे को लेकर शुरु हुई यह लड़ाई भाजपा के भीतर का कलह भी उजागर कर रही है।

बेटे बोले- अध्यक्ष होने के नाते इतना तो बनता है..

मामले में जिला पंचायत की अध्यक्ष के बेटे का कहना है कि आरोप पूरी तरह निराधार हैं। 5 करोड़ 45 लाख रुपए की कार्ययोजना है लेकिन इतनी राशि भगवां वार्ड के लिए स्वीकृत नहीं हुई है। अध्यक्ष होने के नाते थोड़ी ज्यादा राशि स्वीकृत हुई है। इतना तो बनता ही है।

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