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रीवा43 मिनट पहले
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रीवा के एडीआर सेंटर में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। यहां अध्यक्षता प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुबोध कुमार जैन ने की। वहीं अतिथि के रूप में सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अहमद रजा मौजूद रहे। न्यायिक अधिकारियों के नेतृत्व में महिला व बच्चों से संबंधित विधिक साक्षरता शिविर संपन्न हुआ।
शिविर में प्रधान जिला न्यायाधीश सुबोध कुमार जैन ने कहा कि विधिक कार्यशालाएं सभी विभागों में परस्पर सहयोग को बढ़ाती है। जिससे विधि के कार्य क्षेत्र में सरलता उत्पन्न होती है। साथ ही विधि का कल्याणकारी उद्देश्य सफलता पूर्वक प्राप्त होता है। विशेष न्यायाधीश सीएम उपाध्याय ने कहा कि विधि की कार्यशालाओं से कार्यक्षेत्र में विधि की समझ और प्रक्रिया समझने में आसानी होती है।
पाक्सों न्यायालय की विशेष न्यायाधीश कंचन गुप्ता ने पाक्सों अधिनियम के बारे में जानकारी दी। पाक्सों अधिनियम के बारे में पूछे गये प्रश्नों का उत्तर दिया। प्रधान मजिस्टेट किशोर न्याय बोर्ड नीलिमा देवदत्त ने किशोर न्याय अधिनियम के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी। किशोर न्याय अधिनियम के बारे में पूछे गये प्रश्नों का उत्तर दिया।
अपराध पीड़ित प्रतिकर की जानकारी दी
सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अहमद रजा ने अपराध पीड़ित प्रतिकर योजना के बारे में जानकारी दी। जिला विधिक सहायता अधिकारी अभय कुमार मिश्रा ने निःशुल्क विधिक सहायता के बारे में जानकारी दी। सीएसपी प्रतिभा शर्मा, अतिरिक्त जिला अभियोजन अधिकारी रवीन्द्र सिंह, बाल कल्याण समिति अध्यक्षा ममता नरेन्द्र सिंह ने अपने-अपने विचार व्यक्त किये।
ये अतिथि मौजूद रहे
कार्यशाला में किशोर न्याय वोर्ड की मीनाक्षी मिश्रा, बाल कल्याण समिति की सीमा श्रीवास्तव, रंजना शर्मा, केपी शर्मा, महिला बाल विभाग से स्वाती श्रीवास्तव, समाजसेवी स्लेषा शुक्ला, धर्मेन्द्र नापित, अधिवक्ता कौशलेश पटेल, सुरजीत सिंह, अमरजोति गुप्ता, राजराखन पटेल, बालकल्याण अधिकारी इत्यादि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन राजश्री सिंह अधिवक्ता एवं आभार कैलाश सत्यार्थी फाउडेशन के सुमित सिंह किया।
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