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ग्वालियर2 घंटे पहले
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पत्रकार अतुल राठौर की मां व पत्नी को सात्वना देते सिंधिया, बेटी की पढ़ाई की ली जिम्मेदारी
- सात दिन पहले लापरवाही से खुले सीवर चेंबर में गिरकर हुई थी अतुल की मौत
ग्वालियर में लापरवाही से बीच सड़क पर खुले छोड़े गए सीवर चेंबर में सात दिन पहले गिरकर 26 वर्षीय पत्रकार अतुल राठौर घायल हो गया था। 48 घंटे बाद उसने तड़पते हुए दम तोड़ दिया था। इस मामले में पुलिस ने FIR तो दर्ज कर ली है, लेकिन पीडब्लयूडी के अफसरांे के खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया गया है। शुक्रवार रात को केन्द्रीय नागरिक विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया मृतक पत्रकार अतुल के घर पहुंचे और उनके परिजन से मुलाकर कर ढांढ़स बंधाया। अतुल की दो साल की बेटी है। सिंधिया ने पत्रकार की बेटी के सिर पर हाथ रखकर कहा कि इसकी आप चिंता न करें यह हमारी जिम्मेदारी है। बाहर आकर सिंधिया ने कहा है कि हमने अपना एक युवा व होनहार साथी खोया है। यह दुख की घड़ी है।

अतुल के घर पहुंचकर परिजन से बातचीत करते सिंधिया
सिंधिया ने कहा कि लापरवाही पर एक्शन होगा
पत्रकार अतुल राठौर के घर शोक संवेदना व्यक्त करने पहुंचे केन्द्रीय नागरिक विमानन व इस्पात मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने लापरवाही करने वाले अफसरांे पर अब तक कोई एक्शन नहीं लिए जाने की बात कही तो सिंधिया का कहना था कि इस मामले में FIR तो दर्ज हो गई है। विभागीय जांच भी हो रही है। जल्द लापरवाही बरतने वालों पर विभागीय कार्रवाई भी होगी। इसके अलावा उन्होंने कहा कि हमने अपना एक युवा साथी खो दिया है। हमें देखना होगा कि हम उसके परिवार के लिए क्या कर सकते हैं। यह दुख की घड़ी है।
ऐसे समझिए पूरा मामला
पुरानी छावनी निवासी अतुल राठौर (28) मीडियाकर्मी हैं। हर दिन वह चार शहर का नाका प्रताप नगर कॉलोनी के गेट के सामने से अपने ऑफिस आकर दिन भर काम करते थे और रात को इसी रास्ते से घर लौटते हैं। शनिवार (15 जुलाई) की रात अतुल अपने घर जाने के लिए बाइक पर सवार होकर निकले थे। अभी वह चार शहर का नाका शर्मा फार्म होते हुए प्रतापनगर कॉलोनी के गेट के सामने से गुजर रहा था तो अचानक सड़क पर खुले पड़े सीवर चेंबर में बाइक का पहिया आ गया। पहिया सीवर चेंबर में पड़ते ही अतुल बाइक से उछलकर सिर के बल जमीन पर गिरा और गंभीर तरीके से घायल हो गया। जिस समय यह घटना हुई आसपास काफी अंधेरा था वहां स्ट्रीट लाइट्स भी बंद थी। राहगीरों ने जब अतुल को पड़ा देखा तो पुलिस को सूचना दी और घायल को जेएएच पहुंचाया गया था, लेकिन 48 घंटे बाद उसने जिंदगी की जंग हारते हुए दम तोड़ दिया था।
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