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- The Funeral Procession Started In The Morning, The People Of The Area Were Inconsolable, The Shops Of The Area Were Closed Today
इंदौर2 मिनट पहले
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दो दिन पहले उत्तराखंड के उत्तरकाशी में भारी बारिश और लैंडस्लाइड में मृत शिप्रा निवासी योगेंद्र सोलंकी का शव गुरुवार सुबह शिप्रा पहुंचा। कुछ देर बाद उनकी शवयात्रा निकली तो क्षेत्र के लोग गमगीन हो गए। शवयात्रा के दौरान बारिश शुरू हो तो इसमें शामिल लोगों ने अर्थी पर प्लास्टिक ओढाकर सुरक्षित और मुक्तिधाम तक पहुंचे। व्यापारियों ने शोक स्वरूप क्षेत्र दुकानें बंद रखी और स्व. योगेंद्र को श्रद्धांजलि अर्पित की।

स्व. देवेंद्र सोलंकी
उक्त हादसे में टवेरा में सवार देवास के अंशुल नेगोत्री (24) और शिप्रा के योगेंद्र सोलंकी (28) की मौत हो गई थी जबकि देवास के उमंग सोलंकी (36) अभिषेक सोलंकी (24) और अंकुश सोलंकी (24) घायल हो गए थे। इनके सहित कुल 8 लोग टवेरा में सवार थे। ये लोग सोमवार सुबह गंगोत्री नेशनल हाईवे पर गंगनानी के पास गंगोत्री धाम से उत्तरकाशी की ओर जा रहे थे। तभी तहसील भटवाड़ी के पास लैंडस्लाइड हुआ।
घायलों को भटवाड़ी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लाया गया था। यहां से फिर जिला जिला अस्पताल रैफर किया गया था जबकि देवेंद्र का शव शिप्रा के लिए रवाना किया गया था। योगेंद्र अमलतास मेडिकल हॉस्पिटल देवास मे लैब टेक्निशियन था और पढ़ाई कर रहा था। दो साल पहले ही उसकी शादी हुई थी।
उसके पिता कालूसिंह पशु चिकित्सक हैं। मंगलवार सुबह हादसे की सूचना मिलने के बाद वे दिल्ली पहुंच गए थे। इसके बाद से वे वहां के लोकल प्रशासन के संपर्क में थे। सुबह जब क्षेत्र से योगेंद्र की शवयात्रा निकली को क्षेत्र के हर शख्स की आंखें नम हो गई। योगेंद्र काफी मिलनसार व धार्मिक प्रवृत्ति के थे। सुबह उनकी शवयात्रा में सैकड़ों लोग शामिल हुए।
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