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भोपाल2 घंटे पहले
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कलियासोत स्थित वाल्मी के सभागार में 2 दिवसीय राष्ट्रीय कालिदास ज्योतिष सम्मेलन का शुभारंभ मंगलवार को हुआ। इस सम्मेलन में 12 से अधिक प्रांतों के करीब 250 से अधिक विभिन्न विधाओं के ज्योतिष शामिल हुए। जिन्होंने ज्योतिष वास्तु शास्त्र और अन्य विधाओं पर मंथन किया। साथ ही सम्मेलन में 40 से अधिक महिलाएं ज्योतिष भी शामिल हुई। बता दें कि यह कार्यक्रम ज्योतिष-मठ संस्थान भोपाल और कालिदास संस्कृति अकादमी उज्जैन तथा मध्यप्रदेश संस्कृति विभाग के सहयोग से आयोजित हुआ ।
स्मारिका का भी हुआ विमोचन
इस अवसर पर सौभाग्यम स्मारिका का भी विमोचन किया गया। इस दौरान उत्तराखंड से आए पूर्व मंत्री नंदकिशोर पुरोहित ने कहा कि 2025 में ज्योतिष के लिए भारत सरकार से अलग से बजट मिलेगा हमें संस्कृत भाषा में पकड़ मजबूत बनानी होगी, हमारे भारत की विधा संस्कृत है। 19 दिसंबर 2024 को भारत और मजबूती के साथ आगे बढ़ेगा भारत का कई देशों पर अपना कंट्रोल पावर रहेगा और शक्तिशाली राष्ट्र बन कर आगे बढ़ेगा ।
रत्नों के फेर से बचे
इस दौरान आचार्य नित्यानंद गिरी ने कहा कि सैकड़ों विधा है, ज्योतिष किसी एक विधा में अपनी पकड़ मजबूत बताएं और ज्योतिष के ज्ञान से पीड़ितों की सेवा करें, वहीं आचार्य हेमचंद्र पांडे ने कहा कि ज्योतिष धन कमाने की नहीं समाज सेवा की विधा है, आज के समय में ज्योतिष शास्त्र पर लोगों का अधिक विश्वास बढ़ रहा है। हमें समाज के सेवक के रूप में परेशान लोगों का आत्म बल बढ़ाना है। इसके अलावा पंडित विनोद गौतम ने कहा कि रत्नों के फेर से बचे, यह वैभव बढ़ाने का काम करता है इसका कहीं भी शास्त्र में उल्लेख नहीं है।
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