Sat. Apr 11th, 2026

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बैतूलएक घंटा पहले

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सरकारी राशि के गबन के आरोप में फंसे बेटे को बेगुनाह साबित करने जनसुनवाई में पहुंचा एक 70 वर्षीय पिता कलेक्ट्रेट में बेहोश हो गए। इससे थोड़ी देर के लिए जनसुनवाई में हड़कंप मच गया।हालांकि कुछ देर बाद ही वृद्ध की हालत संभल गई। उसे इलाज के लिए एक डिप्टी कलेक्टर के वाहन से जिला अस्पताल भेजा गया।

वृद्ध जगतनारायण शुक्ला बैतूल के काला पाठा इलाके में किराए के मकान में रहते हैं। आज वे अपनी पत्नी शीला शुक्ला के साथ जनसुनवाई में पहुंचे थे। यहां अपना आवेदन का पंजीयन कराने के बाद वृद्ध जनसुनवाई में एक कुर्सी पर बैठे हुए थे। इसी दौरान वृद्ध बैठे बैठे बेहोश हो गए।उनकी पत्नी ने उन्हे हिलाया डुलाया तो वृद्ध ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। जिसके बाद वृद्धा ने रोना शुरू कर दिया। जिससे जनसुनवाई में हड़कंप मच गया। हालाकि की वृद्ध थोड़ी देर बाद होश में आ गए। जिन्हें व्हील चेयर से कलेक्ट्रेट के बाहर लाया गया और एक अधिकारी के वाहन से जिला अस्पताल भेजा गया।

यह है मामला

दरअसल वृद्ध का बेटा महेश शुक्ला शाहपुर जनपद में संविदा विकासखंड समन्वयक के पद पर पदस्थ रहा है। इस जनपद के तहत ग्राम पंचायत पावर झंडा में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गत वर्ष हुए घोटाले में महेश शुक्ला को भी आरोपी बनाया गया है।

वृद्ध का कहना है की उसके इकलौते बेटे को इस घोटाले में फंसाकर आरोपी बनवा दिया गया है।जबकि उसका इस प्रकरण से कोई लेना देना नहीं है। उन्होंने जनपद सीईओ फिरदौस शाह को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया है।

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