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- Asked Whether The Survey Was Done Properly Or Not, Whether The Benefit Of Kisan Samman Nidhi Is Being Received Or Not?
बुरहानपुर (म.प्र.)31 मिनट पहले
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जिले में तीन बार आई प्राकृतिक आपदा से पीड़ित 4 हजार 261 किसानों के खातों में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार सुबह 11 बजे सिंगल क्लिक के माध्यम से 41.85 करोड़ की राशि का वितरण किया। इस दौरान सीएम ने किसानों से भोपाल से वर्चुअली संवाद किया। इस अवसर पर सीएम ने किसानों से पूछा कि सर्वे ठीक से हुआ कि नहीं, आप संतुष्ट हैं? किसान सम्मान निधि का लाभ मिल रहा या नहीं?
समारोह में सबसे पहले राजस्व मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने संबोधित किया। इस दौरान सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल, नेपानगर विधायक सुमित्रा कास्डेकर, पूर्व मंत्री और भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अर्चना चिटनिस, द्रविंद्र मोरे, जिला पंचायत अध्यक्ष गंगाराम मार्को, भाजपा जिलाध्यक्ष मनोज लधवे, हर्षवर्धन सिंह, महापौर माधुरी पटेल, पूर्व निगम अध्यक्ष मनोज तारवाला आदि बुरहानपुर के परमानंद गोविंदजीवाला ऑडिटोरियम में मौजूद थे। संचालन कलेक्टर भव्या मित्तल ने किया।

सीएम शिवराज ने कहा कि 3 साल में हमने किसानों को चार हजार करोड़ की राहत राशि दी है। आज बुरहानपुर जिले के 4261 किसानों को 41.85 करोड़ की राशि ट्रांसफर की।
सीएम बोले- किसान की तकलीफ का अंदाजा केवल किसान ही लगा सकता है
इस दौरान सीएम ने करीब 30 मिनट का संबोधन दिया। उन्होंने इसी बीच किसानों से भी बात कही। सीएम ने कहा- दिन रात मेहनत के बाद अगर फसल खराब हो जाती है तो किसान के कष्ट तकलीफ का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता। खाद बीज, पानी पसीना, घर की कमाई सभी हम खेती में लगा देते हैं और अगर प्राकृतिक आपदा से नुकसान हो तो किसान के दर्द का किसान ही अंदाजा लगा सकता है।
जब मैंने सुना कि भयानक ओलावृष्टि में फसल बर्बाद हो गई तो दुःख हुआ। केला ऐसी फसल है जिसमें लागत ज्यादा लगती है नुकसान भी उतना ज्यादा ही होता है। मैंने आश्वस्त किया था कि इस संकट और परेशानी से आपको निकालकर ले जाउंगा। आपको याद होगा पिछली बार भी केले पर संकट आया था उस समय स्व. नंदकुमारसिंह चौहान सांसद हुआ करते थे। अर्चना चिटनिस मंत्री थीं। उस समय हमने केले की राहत राशि एक लाख रूपए प्रति हेक्टेयर कर दी थी। ताकि किसान के खून और पसीने की ठीक से भरपाई कर पाए।
इस बार का संकट भी भयानक था। बीमा हो नहीं पाया था। हमने निर्देश दिए हैं केला का बीमा करने के रेट के कारण समस्या आई, लेकिन बीमा नहीं होने पर भी किसान को ठीक से राहत मिले यह प्रयास किए। हमने राहत की राशि बढ़ाकर दोगुना कर दी। 50 प्रतिशत से अधिक नुकसान को 100 प्रतिशत नुकसान ही माना। दूसरे राज्यों में 33 प्रतिशत होने पर ही राशि देते हैं।
हमने 25-33 या 33-50 प्रतिशत की श्रेणी बनाई। 50 प्रतिशत नुकसान की राशि को 2 लाख रूपए प्रति हेक्टेयर कर दिया। अभी निर्देश दिए हैं कि हार्टिकल्चर की फसलों का भी केला सहित बीमा किया जाए। ताकि किसानों को लाभ दिला सकें।

सीएम ने किसानों से कहा कि- दिन रात मेहनत के बाद अगर फसल खराब हो जाती है तो किसान के कष्ट तकलीफ का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता।
3 साल में हमने किसानों को 4 हजार करोड़ की राहत राशि दी
सीएम शिवराज ने कहा कि 3 साल में हमने किसानों को चार हजार करोड़ की राहत राशि दी है। आज बुरहानपुर जिले के 4261 किसानों को 41.85 करोड़ की राशि ट्रांसफर की। इसमें केला और अन्य प्रभावित फसलों के किसान हैं। उन्होंने कहा- यह किसानों की सरकार है। आपकी सरकार है। 2003 तक कांग्रेस की सरकार थी तब मृत्यु पर 50 हजार थे। हमने 4 लाख रूपए किए। पशु नुकसान 625 रूपए थी हमने 4 हजार से 37500 तक किए।
मुर्गा मुर्गी की मृत्यु पर भी मुआवजा राशि का प्रावधान किया है। मकान की क्षति 2 हजार से 12 हजार रूपए मिलती थी हमने 4 हजार से 1.20 लाख रूपए तक देने का फैसला किया। हमने अनेक मापदंड बदले हैं। ताकि ठीक से भरपाई कर पाएं। किसानों का जो कर्ज माफ नहीं हुआ था डिफाल्टर हो गए थे। उस ब्याज की राशि 2200 करोड़ भरी है। बुरहानपुर जिले में 33 हजार से अधिक किसानों का 80 करोड़ 81 लाख ब्याज माफ किया। यह पैसा हमने जमा कराया।

इस दौरान किसानों ने भी अपने अनुभव सीएम के साथ साझा किए।
किसानों से यह किया संवाद- सीएम ने पूछा, सर्वे ठीक से हुआ कि नहीं, आप संतुष्ट हैं
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने समारोह के दौरान 4 किसानों से संवाद किया। सविता बाई से पूछा कितने एकड़ में केली लगी थी। सर्वे ठीक से हुआ कि नहीं। आप सर्वे से संतुष्ट हैं। किसान सम्मान निधि की राशि मिलती है या नहीं। लाडली बहना योजना का लाभ मिला की नहीं। मुआवजा कितना मिला।
महिला किसान ने कहा 2.40 लाख रूपए मुआवजा मिला। किसान सम्मान निधि, लाडली बहना योजना का लाभ मिल रहा है। इसी तरह इच्छापुर के किसान डिगंबर, डाभियाखेड़ा के सुधाकर और खकनार के रामकृष्ण से भी सीएम ने यही सवाल किए।
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