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छिंदवाड़ा22 मिनट पहले
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स्वास्थ्य योजनाओं के नाम पर हर साल लाखों-करोड़ों रुपए खर्च किए जाते हैं, ताकि आमजन को सस्ता और सुलभ स्वास्थ्य लाभ मिल सके। एम्बूलैंस सेवाएं है, प्रसूताओं के लिए भी कई योजनाएं है लेकिन अक्सर लापरवाही के नजारे देखने को मिलते रहते हैं।
ऐसा ही एक मामला लोधीखेड़ा में देखने को मिला जब एक प्रसूता की डिलेवरी घर में कराई गई। इसके बाद महिला की हालत बिगड़ गई और उसे उपचार के लिए अस्पताल लाया गया, जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हालांकि गनीमत ये रही कि बच्चा सुरक्षित है, पुलिस ने मौत को संदिग्ध मानकर जांच शुरु कर दी है।
जानकारी में लोधीखेड़ा थाना प्रभारी दीपक डेहरिया ने बताया कि दूधलाकलां निवासी 27 वर्षीय शीतला पति रामेश्वर मोरड़े गर्भवती थी, गुरुवार के दिन उसे प्रसव पीढ़ा उठी, जिसके बाद परिजनों ने घर में ही उसकी प्रसव क्रिया संपन्न करा दी। इस दौरान उसने नवजात को जन्मा, लेकिन इसके बाद शीतल की हालत बिगड़ गई, उसे उपचार के लिए सौंसर अस्पताल लाया गया जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
इस दौरान नवजात सुरक्षित बताया जा रहा है, जबकि महिला की मौत को संदिग्ध मानकर पुलिस ने पड़ताल शुरु कर दी है। पुलिस ने मौत के बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम करा लिया है जबकि प्रकरण में मर्ग कायम कर मामले को जांच में लिया है।
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