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ग्वालियर20 मिनट पहले
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कोर्ट से बाहर जाते हुए हनीट्रैप गैंग के आरोपी, पीछे व्हाइट शर्ट में ट्रांसजेंडर हर्षित है
- इंजीनियर को बनाया था टारगेट
ग्वालियर हनीट्रैप कांड में एक नया खुलासा हुआ है। इंजीनियर को हुस्न के जाल मंे फंसाने वाली महिला की एक साथी ट्रांसजेंडर है। हर्षिता कभी लड़की हुआ करती थी, लेकिन अब वह ट्रांसजेंडर के बाद हर्षित हो गई है। इसके बाद वह अपनी टीम के साथ लोगों को ठगने का काम कर रहा था। किसी को हनीट्रैप कर लाखों रुपए ऐंठना उनको आसान लगता था।
पुलिस ने एक केमिकल इंजीनियर की शिकायत के बाद गिरोह की एक महिला, एक ट्रांसजेंडर व एक पुरुष को पकड़ा था। रिमांड पर आए आरोपियों ने यह खुलासा पुलिस के सामने किया है। पुलिस जब उनसे पूछ रही है कि यह उनका पहला केस नहीं हो सकता और कितने लोगों को वह ठग चुके हैं। इस पर आरोपियों ने अभी तक कोई बड़ा खुलासा नहीं किया है।

आरोपी अरविंद और हर्षित
ऐसे समझिए पूरा मामला
शहर के डीडी नगर निवासी घनश्याम कुमार (बदला हुआ नाम) केमिकल ब्रांच से इंजीनियर हैं। घनश्याम अभी मालनपुर भिंड स्थित एक मेडिको कंपनी में बतौर केमिकल्स इंजीनियर कार्यरत है। 15 मई को उनके मोबाइल पर कॉल आया था। कॉल रिसीव करते ही उनकी बात एक युवती से हुई। युवती का नाम उर्मिला है, लेकिन उसने अपना नाम गुडिया राठौर बताया था। इसके बाद इंजीनियर और गुड़िया के बीच वाटसएप पर चेटिंग शुरू हुई। करीब 15 दिन बातचीत होने पर युवती ने 31 मई को इंजीनियर को कॉल कर मिलने के लिए दाल बाजार तिराहा पर बुलाया। जब इंजीनियर वहां पर पहुंचा तो युवती उसे मिली और कुछ देर बातचीज करने के बाद उसे अपने साथ पास ही स्थित घर पर ले गई। उसे बताया कि आज उसके घर पर कोई नहीं है। युवती ने इंजीनियर को अभी तक अपनी बातों में पूरी तरह फंसा लिया था। इंजीनियर उसके घर पहुंचा तो एक कमरे में कथित गुड़िया उसे लेकर पहुंची। यहां इंजीनियर के बैठते ही युवती अपने कपड़े उतारने लगी। युवती की हरकत से वह घबराकर गया और उसे रोकने का प्रयास कर रहा था कि तभी एक अन्य औरत आ गई और उसने भी उसके साथ गलत हरकत करना शुरू कर दिया। इसी बीच दो युवक वहां पर आए और उसका VIDEO बनाने लगे। दोनों युवको ने उससे VIDEO वायरल करने की धमकी देकर रुपयों की मांग की। साथ ही इंजीनियर को मोबाइल छीनकर उसे थाने ले जाने की बात कही।
एक लाख रुपए लेकर छोड़ा फिर मांगे पांच लाख
आरोपियों ने मौके पर एक लाख रुपए की मांग की। इंजीनियर ने तत्काल अपने एक दोस्त को कॉल किया और उससे एक लाख रुपए मांगे। दोस्त किसी तरह इंतजाम करकर लाया और उसके बाद हनीट्रैप गैंग ने उसे छोड़ा। अभी इंजीनियर राहत की सांस लेता कि 1 जून को उसे कॉल आया कि पांच लाख रुपए और चाहिए। साथ ही धमकाया कि रुपए नहीं देने पर दुष्कर्म का मामला दर्ज कराएंगे। इसके बाद पीड़ित सीएसपी विजय भदौरिया के पास पहुंचा और अपनी पीड़ा बताई। जिसके बाद पुलिस और क्राइम ब्रांच ने मिलकर घेराबंदी की और एक महिला उर्मिला प्रजापति, हर्षित उर्फ छोटू उर्फ विशाल सेंगर निवासी ललितपुर कॉलोनी, अरविंद उर्फ बॉबी गुप्ता निवासी हरिशंकरपुरम को गिरफ्तार कर पूरे गैंग का खुलासा किया है।
हर्षित है ट्रांसजेंडर
हनीट्रैप करने वाले गैंग का मुखिया एक ट्रांसजेंडर है। हर्षित कभी हर्षिता हुआ करता था, लेकिन उसने ट्रांसजेंडर कराकर अपनी पहचान बदल ली। इसके बाद उर्मिला और अरविंद के संपर्क मंे आया। यहां जल्दी और आसानी से पैसा कमाने के लालच में यह हनीट्रैप गैंग बना ली। पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस के सामने बताया है कि हनीट्रैप कर पैसा कमाना आसान था। ठगी का शिकार व्यक्ति शर्म के चलते किसी को कुछ बता भी नहीं सकता था। इसलिए उन्हें पकड़े जाने का डर नहीं था। पता नहीं इस इंजीनियर में कहां से इतनी हिम्मत आ गई।
मेडिकल भी कराया जाएगा
पुलिस अफसरों की माने तो पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ के बाद कई अन्य घटनाओं का खुलासा हो सकता है, जिसके लिए कंपू पुलिस व क्राइम ब्रांच अब पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ में जुट गई है। पुरुष आरोपियों को रिमांड पर लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है। पुलिस अफसरों का कहना है कि ट्रांसजेंडर वाली बात सामने आई है इसके लिए मेडिकल कराने के बाद ही आगे कुछ बताया जा सकेगा।
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