लखनऊ के शुभांशु शुक्ला ने एक्सिओम मिशन-4 के तहत 18 दिन अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर बिताकर सकुशल पृथ्वी पर वापसी की है। सिटी मॉन्टेसरी स्कूल (CMS) के पूर्व छात्र शुभांशु की इस उपलब्धि पर पूरे स्कूल और शहर में खुशी का माहौल है।
अंतरिक्ष से भारत के लिए एक और गौरव की खबर आई है। ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला, जिन्होंने एक्सिओम मिशन-4 के तहत 18 दिन अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर बिताए, अब सकुशल पृथ्वी पर लौट आए हैं। वे अंतरिक्ष से लौटने वाले पहले लखनऊवासी और देश के गिने-चुने अंतरिक्ष यात्रियों में से एक बन गए हैं। उनके इस मिशन की सफलता पर न केवल उनके परिवार में बल्कि लखनऊ और खासतौर से उनके स्कूल सिटी मॉन्टेसरी स्कूल (CMS) में खुशी और गर्व का माहौल है।
सीएमएस से उड़ान की शुरुआत
अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला का जन्म 10 अक्टूबर 1985 को लखनऊ के त्रिवेणी नगर इलाके में हुआ था। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा लखनऊ के प्रतिष्ठित सिटी मॉन्टेसरी स्कूल के अलीगंज ब्रॉन्च से की। बचपन से ही पढ़ाई और विज्ञान में गहरी रुचि रखने वाले शुभांशु को स्कूल के दिनों से ही अनुशासन, परिश्रम और तकनीकी समझ के लिए जाना जाता था। CMS, जिसकी स्थापना 1959 में मात्र 5 छात्रों के साथ हुई थी, आज दुनिया का सबसे बड़ा स्कूल माना जाता है और गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज है। शुभांशु जैसे छात्रों की उपलब्धियों ने इस स्कूल की प्रतिष्ठा में और वृद्धि कर दी है।
विज्ञान और विमानन के लिए समर्पित
स्कूल की पढ़ाई के बाद शुभांशु ने नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA), पुणे से B.Tech किया और फिर IISc बेंगलुरु से M.Tech की डिग्री प्राप्त की। उन्होंने 2006 में भारतीय वायुसेना में कमीशन प्राप्त किया और Su-30 MKI, मिग-29, जैगुआर, हॉक जैसे उन्नत लड़ाकू विमानों को उड़ाने का अनुभव हासिल किया। 2019 में उन्हें भारत के गगनयान मिशन के लिए अंतरिक्ष यात्री के रूप में चयनित किया गया और रूस के यूरी गागरिन कॉस्मोनॉट ट्रेनिंग सेंटर में प्रशिक्षण मिला।
