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एंकर – करणी सेना आंदोलन मे घायल पीड़ितों से मिलने हरदा पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने घटनाक्रम की मजिस्ट्रेट जांच करने की मांग की है, साथ ही कलेक्टर, एसपी, अपर कलेक्टर, एडिशनल एसपी और एसडीएम और एसडीओपी को हटाकर रिटायर्ड जजेस से जाँच करने की बात कही है। इस दौरान उनके साथ राघोगढ़ विधायक जय वर्धन सिंह एवं पूर्व मंत्री पीसी शर्मा भी मौजूद रहे।
वीओ – राजपूत छात्रावास में करणी सेना और राजपूत समाज के लोगों को पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने संबोधित करते हुए कहा कि करणी सेना के पांच निहत्थे लोगों को घेरकर पुलिस ने मारपीट की है। किसी आरोपी को ऐसे नहीं मारा गया होगा जिस तरह करणी सेना के सदस्यों को मारा गया। मैं करणी सेना का सदस्य नहीं हूं, लेकिन करणी सेना के अध्यक्ष और कार्यकर्ताओं पर जो जुल्म किया गया है मैं उसका विरोध करता हूं। मेरी खुद जीवन सिंह शेरपुर से बात हुई तो उन्होंने कहा कि उन्हें अधिकारी खुद लेने आए। अधिकारियों ने कहा कि युवाओं को समझाकर चक्काजाम समाप्त कराया जाए। जब मैं वहां पहुंचा तो कार से उतरते से ही मुझ पर लाठियां बरसानी शुरू कर दी गई। इसी तरह राधोगढ़ विधायक जयवर्धन सिंह ने कहा हरदा में जो घटना घटी है वह बहुत ही दु:खद है निंदनीय है। आज से दो दिन पहले हरदा का एक युवा आशीष राजपूत जिसका किसी अन्य व्यक्ति के साथ लेनदेन को लेकर विवाद हुआ, उसको न्याय नहीं मिला। प्रशासन द्वारा उसके साथ न्याय नहीं हुआ है। हर युवा और किसी के पास भी न्याय पाने का अधिकार रहता है। हरदा का प्रदर्शन शांतिपूर्ण था। कहीं पर भी करणी सेना या राजपूत समाज ने हिंसा नहीं की। मेरी बाद जीवन सिंह शेरपुर से भी हुई। हरदा में जैसे ही वह कार से बाहर निकलते हैं उन पर लाठीचार्ज कर दिया जाता है। पुलिस ने बेरहमी से उन पर लाठियां बरसाई। करणी सेना के कई युवाओं से मेरी बात हुई है। जेल में भी उनके साथ मारपीट की गई है। राजपूत समाज में एक शोकसभा के लिए लोग जुटे थे, जहां पर भी पुलिस ने लाठीचार्ज किया। कई युवाओं को शरीर में फ्रैक्चर आया है। जो भी दोषी अधिकारी या कर्मचारी हैं उन पर एफआईआर दर्ज करनी चाहिए।
वाईट – दिग्विजय सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री।
