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विदिशा में बेतवा नदी उफान पर, जल स्तर लगातार बढ़ रहा; श्रद्धालुओं की आवाजाही के बीच सुरक्षा पर उठे सवाल।

एंकर – मध्य प्रदेश में हो रही लगातार बारिश के चलते बेतवा नदी एक बार फिर उफान पर आ गई है। बीते पंद्रह दिनों से विदिशा सहित रायसेन और भोपाल जैसे ऊपरी क्षेत्रों में हुई बारिश का असर अब विदिशा की बेतवा नदी में स्पष्ट दिखाई दे रहा है। यह वही नदी है जो कुछ महीने पहले तक सूखी पड़ी थी और जिसमें चोरघाट नाले व अन्य नालों का गंदा पानी बह रहा था। अब यहां पानी की धारा तेज हो गई है और नदी पुराने पुल से लगभग पांच फीट नीचे बह रही है।

सावन माह होने के कारण श्रद्धालुओं की भीड़ घाटों पर बढ़ गई है। विशेषकर बड़वाले घाट पर कावड़ लेकर पहुंचे श्रद्धालु बेतवा से जल भरते नजर आ रहे हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए होमगार्ड जवानों की तैनाती भी की गई है, लेकिन सुरक्षा इंतजाम अभी भी नाकाफी नजर आ रहे हैं।

जर्जर पुल से जारी है आवाजाही, खतरे का अंदेशा

विदिशा-अशोकनगर मार्ग पर स्थित पुराने छोटे पुल से अब भी आवाजाही जारी है। यह पुल काफी जर्जर स्थिति में है और नदी का जलस्तर इसके काफी करीब पहुंच चुका है। नियमित श्रमदान करने वाले हेमंत शर्मा ने इस संबंध में चेतावनी दी है कि यह पुल डूबने की स्थिति में है और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए इसे तत्काल बंद किया जाना चाहिए।

हेमंत शर्मा ने कहा, नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और यदि बारिश इसी तरह जारी रही तो पुल समेत आसपास के छोटे मंदिर भी जलमग्न हो सकते हैं। प्रशासन को चाहिए कि छोटे पुल को बंद कर नए पुल से ही आवाजाही करना चाहिए।

श्रद्धालुओं की संख्या में इज़ाफा, सुरक्षा के इंतजाम अपर्याप्त

वहीं, शंकरलाल तालरेजा, जो नियमित श्रमदान में लगे रहते हैं, ने कहा कि रायसेन में हुई भारी बारिश के बाद बेतवा का जलस्तर बढ़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि आगे चलकर बेत्रवती घाट के पास बेतवा और बेस नदियों का संगम होता है, जिससे जलधारा और भी तीव्र हो जाती है। श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन को यहां अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम करने चाहिए।

सुरक्षाकर्मियों की तैनाती, पर साधनों की कमी

बेतवा नदी पर तैनात होमगार्ड जवान परशुराम कुशवाहा ने बताया कि जलस्तर धीमी गति से बढ़ रहा है और यदि स्थिति बिगड़ती है, तो विभाग द्वारा दिए गए बचाव साधनों से राहत कार्य किया जाएगा। फिलहाल छोटे पुल से केवल दोपहिया वाहन और पैदल यात्री गुजर रहे हैं, जबकि बड़ा पुल सामान्य रूप से चालू है।

बाइट – हेमंत शर्मा, नियमित श्रमदानी।

बाइट – शंकरलाल तालरेजा, नियमित श्रमदानी।

बाइट – परशुराम कुशवाहा, होमगार्ड जवान ।

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