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सीहोर12 मिनट पहले
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सीहोर शहर के तहसील चौराहे पर अपनी चार सूत्रीय मांगों को लेकर मांझी समाज के तत्वाधान में धरना प्रदर्शन कर राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा है।
सिद्धपुर माझी आदिवासी समाज संघ के अध्यक्ष ओम प्रकाश रेकवार ने बताया कि बुधवार को अपनी मांगों को लेकर तहसील चौराहे पर धरना प्रदर्शन किया है। हमारी मांगों में प्रमुख रूप से भारत सरकार विधि मंत्रालय दिल्ली के पत्र क्रमांक में तत्कालीन विंध्य प्रदेश शासन द्वारा पत्र जिसमें माझी, केवट, मल्लाह, भोई, ढीमर को अनुसूचित जनजाति में सम्मिलित करने की अनुशंसा की गई थी।
संविधान संशोधन आदेश में भारत सरकार की सूची में राज्य की सूची पर माझी को अनुसूचित जनजाति में सम्मिलित किया गया परंतु केवट, मल्लाह, भोई, ढीमर को सूची से वंचित रखा गया है जिसे शीघ्र माझी के साथ सम्मिलित करने की कृपा करें। माझी, केवट, मल्लाह, भोई, पिछडे़ वर्ग की सूची के सरल क्रमांक 12 से विलोपित करवाने का कष्ट करें।
माझी समूह केवट, मल्लाह, भोई, ढीमर को जनजाति सूची में शामिल नहीं होने से मध्यप्रदेश के माझी समाज में अत्यंत रोष व्याप्त है। सरकार को अनगिनत आवेदनों से अवगत कराया गया है। विधायक डा. हिरालाल अलावा द्वारा विधान सभा में प्रश्न लगाए गए जिसमें राज्य शासन ने माझी, केवट, मल्लाह, भोई, ढीमर को अनुसूचित जनजाति में मान्य किया है तथा विधानसभा के उत्तर में हां शब्द से स्वीकृति प्रदान की गई है।
शासन द्वारा प्रकरण में अभी तक अधिसूचना जारी नहीं किए जाने से मध्यप्रदेश के माझी समाज में काफी रोष व्याप्त हो गया है, विचाराधीन प्रकरण में अधिसूचना जारी हो इस संबंध में माझी समाज के सभी राजनैतिक दलों के प्रकोष्ठ तथा सभी संघर्षशील संगठनों की संयुक्त बैठक राजधानी भोपाल में आयोजित हुई जिसमें सर्वसम्मति से निरंतर यह निर्णय लिया गया कि तत्कालीन मुख्यमंत्री सुंदरलाल पटवा द्वारा माझी कुंभ जबलपुर में यह घोषणा की गई कि हमने माझी समाज की समस्त जातियों को अनुसूचित जनजाति में मान लिया है, परंतु आज दिनांक तक किसी भी प्रकार का आदेश जारी न होने पर माझी समाज बुधवार को इस दिवस को धिक्कार दिवस के रूप में मनाएगा।
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