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खंडवा6 मिनट पहले
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खंडवा जिला अस्पताल की तीसरी मंजिल से कूदने से युवक की मौत हो गई। परिवार का दावा है कि मधुमक्खियों से बचने के लिए अस्पताल में भगदड़ मच गई थी। इसी हड़बड़ाहट में युवक कूद गया। घटना सोमवार तड़के 4 बजे की है। रविवार देर शाम ही युवक की पत्नी ने बेटे को जन्म दिया है। युवक प्रसूति वार्ड के बाहर बरामदे में साले के साथ सो रहा था। अस्पताल के तीसरी मंजिल पर स्थित प्रसूति वार्ड की छत पर मधुमक्खियों का छत्ता लगा हुआ है।
जिला अस्पताल की बिल्डिंग मेडिकल कॉलेज कैम्पस में है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि युवक ने सुसाइड किया है। हालांकि, मेडिकल कॉलेज के डीन ने जांच के निर्देश दिए हैं। युवक के शव का पोस्टमॉर्टम कराकर अंतिम संस्कार करा दिया गया है।
सचिन सोलंकी ग्राम रामपुरा (सिंगोट) का रहने वाला था। वह आदिवासी किसान परिवार से था। उसकी पत्नी छायाबाई को डिलीवरी के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। बेटे के जन्म से परिवार में खुशी का माहौल था। शादी के 4 साल बाद संतान जन्मी थी। पहली डिलीवरी प्री-मैच्योर होने से संतान ने दम तोड़ दिया था।

खंडवा में जिला अस्पताल की बिल्डिंग मेडिकल कॉलेज कैंपस में ही है। CMHO ने जांच के निर्देश दिए हैं। अस्पताल में लगे छत्तों को हटाने के लिए कहा है।
साला बोला- जीजा नींद से उठकर छत्ते की ओर ही भागे…
सचिन के साले राजेश ने बताया कि जीजा और हम दोनों बरामदे में सो रहे थे। अंधेरा था, तभी मधुमक्खियां बिखर गईं। बरामदे में कई लोग थे, सब अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भाग रहे थे। इतने में नींद से उठे जीजा ने विपरीत दिशा में दौड़ लगा दी। वे जिस तरफ भागे, वहां छत की गैलरी है। गैलरी से सटकर ही मधुमक्खी का छत्ता है। जीजा ने जान बचाने के लिए गैलरी पर चढ़कर छलांग लगा दी। जीजा जिस जगह गिरे, वो अस्पताल के पीछे वाला हिस्सा था। हम तीसरी मंजिल पर थे। उतरकर जीजा तक पहुंचते और उन्हें संभालते, तब तक उनकी जान जा चुकी थी।
डॉक्टर बोले- पारिवारिक विवाद में सुसाइड किया
युवक की मौत के मामले में जयस सहित परिवार वालों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि मधुमक्खी के छत्ते यदि साफ करवा दिए जाते तो हादसा नहीं होता। लापरवाही के आरोप पर जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. ओपी जुगतावत ने दावा किया कि युवक ने सुसाइड किया है। जुगतावत ने कहा कि हमने संबंधित स्टाफ से जानकारी ली, तो पता चला कि देर रात परिवार में विवाद हुआ था। स्टाफ ने दो-तीन बार झगड़े को शांत भी कराया। युवक नहीं माना और वह तीसरी मंजिल से कूद गया। इस मामले में मधुमक्खियों का कोई लेना-देना नहीं है।

जयस और परिवार का दावा है कि युवक की मौत मधुमक्खियों के हमले के दौरान हुई। उसके शरीर पर मधुमक्खी के हमले के निशान हैं।
CMHO ने दिए जांच के निर्देश
मामले में CMHO डॉ. शरद हरणे ने जांच के निर्देश दिए हैं। अस्पताल प्रबंधन से मधुमक्खी के छत्ते तत्काल हटाने के लिए कहा गया है। साथ ही कहा कि युवक की मौत के मामले में सभी पहलुओं पर जांच की जाएगी। थाना मोघट रोड पुलिस ने मर्ग कायम कर मामला जांच में लिया है। जयस जिलाध्यक्ष पीयूष मुजाल्दे ने परिवार को मुआवजा दिए जाने की मांग की। कहा कि आदिवासी सचिन की मौत मधुमक्खियों के हमले के दौरान हुई। उसके शरीर पर मधुमक्खी के हमले के निशान हैं।
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